मऊगंज में हज-उमरा यात्रा के नाम पर ठगी का एक मामला सामने आया है। लौर थाना क्षेत्र के पिपरा गांव निवासी एक परिवार से फर्जी एजेंट ने 80 हजार रुपये, पासपोर्ट और पैन कार्ड लेकर धोखाधड़ी की। यात्रा से ठीक पहले एजेंट फरार हो गया। परिवार ने एसडीओपी कार्यालय में की शिकायत पीड़ित परिवार ने लौर थाने और एसडीओपी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पिपरा गांव निवासी बदरुज्जमा अंसारी ने पुलिस को बताया कि मऊगंज नगर के वसीम खान (पिता अलीमुल्ला खान) ने खुद को हज-उमरा का अधिकृत एजेंट बताया था। आरोपी ने उमरा यात्रा के लिए 18 दिसंबर 2025 की तारीख तय की और कागजी कार्रवाई पूरी होने का आश्वासन दिया। उमरा यात्रा के लिए दिए 80 हजार रुपए इस भरोसे में आकर पीड़ित परिवार ने फोन-पे के माध्यम से वसीम खान को 80 हजार रुपये दिए। साथ ही, परिवार ने अपने मूल पासपोर्ट और पैन कार्ड भी उसे सौंप दिए थे। पीड़ित परिवार के मुताबिक, उमरा यात्रा से पहले गांव में एक धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें लगभग 1200 से 1500 लोग शामिल हुए। इस कार्यक्रम पर एक लाख रुपए से अधिक का खर्च आया था। हालांकि, यात्रा से ठीक पहले आरोपी वसीम खान ने फोन उठाना बंद कर दिया। वह कभी चाकघाट तो कभी इलाहाबाद में होने की बात कहकर टालता रहा और पूरी तरह गायब हो गया। पैसे-दस्तावेज लेकर फरार हुआ आरोपी बदरुज्जमा के पुत्र गुलजार खान ने बताया कि तय तारीख पर जब यात्रा पर जाने का समय आया, तब रिश्तेदारों और समाज के सामने धोखाधड़ी की सच्चाई सामने आई। इससे पूरे परिवार को भारी शर्मिंदगी और मानसिक परेशानी झेलनी पड़ी। परिवार को न तो उनके पैसे वापस मिले हैं और न ही उनके महत्वपूर्ण दस्तावेज लौटाए गए हैं। पीड़ित परिवार ने शनिवार शाम करीब 5 बजे थाना लौर और एसडीओपी कार्यालय में आवेदन देकर आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करने और उसकी गिरफ्तारी की मांग की है।


