मऊगंज में वार्डन पर 6.67 लाख के गबन का आरोप:कलेक्टर ने निलंबन प्रक्रिया शुरू की; शोकाज नोटिस जारी

मऊगंज जिले के एक छात्रावास में 6.67 लाख रुपए के गबन के मामले में वार्डन शकुंतला देवी निरत के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई शुरू हो गई है। कलेक्टर संजय कुमार जैन ने सोमवार को वित्तीय अनियमितता और हाईकोर्ट में गलत तथ्यों के साथ शपथ पत्र प्रस्तुत करने पर वार्डन को शोकॉज नोटिस जारी किया है। शकुंतला निरत को कुछ समय के लिए दुबगवां छात्रावास का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था, जिसे बाद में वापस ले लिया गया। इस निर्णय के खिलाफ वे हाईकोर्ट गईं और स्थगन आदेश लेकर दोबारा प्रभार ले लिया था। कलेक्टर द्वारा 14 नवंबर को की गई सुनवाई में पाया गया कि वार्डन ने कोर्ट में गलत तथ्यों के आधार पर शपथ पत्र दिया था। जांच में सामने आया कि 4 सितंबर 2025 को वार्डन ने 6 लाख 67 हजार 699 रुपए का अनुचित आहरण किया। यह आहरण तब किया गया जब उन्हें 29 अगस्त 2025 के आदेश के तहत प्रभार से मुक्त कर दिया गया था। इस गंभीर वित्तीय अनियमितता के बाद शोकॉज नोटिस जारी कर निलंबन की प्रक्रिया शुरू की गई है। रिश्वत का मामला भी आया सामने इसी प्रकरण के समानांतर, कलेक्टर के एक सहायक कर्मचारी पर 1.12 लाख रुपए रिश्वत लेने का आरोप भी सामने आया है। आरोप है कि उन्होंने दुबगवां कुर्मियान बालिका छात्रावास का प्रभार वापस दिलाने के नाम पर यह राशि ली थी। पीड़िता ने इस मामले की शिकायत रीवा संभाग के कमिश्नर से की है। बताया जा रहा है कि कथित तौर पर महिला को एक लाख रुपए वापस भी कर दिए गए थे। हालांकि, रिश्वत के आरोपों की सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। कलेक्टर मऊगंज ने इस मामले में भी स्वतंत्र जांच शुरू कर दी है। कलेक्टर जैन ने सोमवार को प्रेस वार्ता में बताया कि पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच एडीएम को सौंपी गई है। जांच में दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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