मकरंद देशपांडे बोले-नाटक में प्रोफेसर-स्टूडेंट का अटूट रिश्ता:भोपाल में हुआ ‘सर सर सरला’ का मंचन; कहा- यह एक ऐसी विधा जो सांस लेती है

भोपाल के रवींद्र भवन में अभिनेता मकरंद देशपांडे का मशहूर नाटक ‘सर सर सरला’ का मंचन हुआ। उन्होंने बताया कि 2001 में पहली बार इस शो का मंचन हुआ था। उस समय इसमें फिल्म मेकर्स और एक्टर्स काम करते थे। इस नाटक में प्रोफेसर और स्टूडेंट के बीच का रिश्ता है। मकरंद देशपांडे ने बताया कि नाटक एक ऐसी विधा है जो सांस लेती है। लोग नाटक में इसलिए पहुंच जाते हैं क्योंकि यहां हर दिन शो नहीं होता। नाटक कोई मनोरंजन का भाग नहीं है, ये समाज के उत्तर दायित्व का हिस्सा हैं। ये कलाकार देंगे प्रस्तुति
भोपाल के रवींद्र भवन सभागार में वरिष्ठ रंगकर्मी स्व. आलोक चटर्जी को समर्पित कला, साहित्य, रंगमंच और सिनेमा से जुड़ा इंडिमून्स आर्ट्स फेस्टिवल का आयोजन किया है। यह 4 मार्च से शुरू हुआ और 9 मार्च तक चलेगा। इसमें शरमन जोशी, मकरंद देशपांडे, पंकज कपूर और नीतीश भारद्वाज अपने नाटकों की प्रस्तुति देंगे। युवाओं के लिए ओपन स्टेज परफॉर्मेंस फेस्टिवल में शहर के प्रतिभाशाली युवाओं के लिए ओपन स्टेज परफॉर्मेंस का भी आयोजन किया गया है। सभी कार्यक्रम रवीन्द्र भवन में प्रतिदिन शाम 7 बजे से आयोजित होंगे। थिएटर, सिनेमा और साहित्य पर विशेष सत्र आर्ट्स फेस्टिवल के संयोजक बिजॉन मंडल ने बताया कि रंग थिएटर समूह पहली बार इस वृहद फेस्टिवल का आयोजन कर रहा है। इस आयोजन में रंगमंचीय प्रस्तुतियों के साथ-साथ क्लब लिटराटी द्वारा ‘कर्टेन कॉल’ सेशन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें फिल्म, सिनेमा, रंगमंच और अभिनय पर विस्तृत चर्चा होगी। रंगमंच, सिनेमा और साहित्य पर होगी चर्चा इंडिमून्स आर्ट्स फेस्टिवल के तहत क्लब लिटराटी द्वारा आयोजित ‘कर्टेन कॉल’ परिचर्चा सत्र होंगे, जहां रंगमंच, सिनेमा और साहित्य से जुड़े विषयों पर चर्चित कलाकार और लेखक अपने विचार साझा करेंगे। भोपाल के दर्शकों को इस फेस्टिवल में बेहतरीन नाटकों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का शानदार अनुभव मिलेगा।

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