मकर संक्रांति पर्व पर धार्मिक नगरी ओरछा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। निवाड़ी जिले की ओरछा तहसील में बेतवा नदी के घाटों पर 14 और 15 जनवरी को करीब एक लाख श्रद्धालुओं के पवित्र स्नान करने का अनुमान है। इसे देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है और व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। बेतवा स्नान का है विशेष महत्व स्थानीय लोगों ने बताया कि मकर संक्रांति पर ओरछा में बेतवा नदी में स्नान का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन नदी में स्नान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। इसी कारण हर वर्ष बुंदेलखंड के साथ-साथ मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु ओरछा पहुंचते हैं। अधिकारियों ने किया घाट का निरीक्षण पर्व से पहले एसडीएम मनीषा जैन, तहसीलदार सुनील बाल्मीक और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने बेतवा नदी के प्रमुख घाटों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई और रोशनी की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया। घाटों पर रोशनी और साफ-सफाई के निर्देश एसडीएम मनीषा जैन ने नगर पालिका ओरछा के सीएमओ आर.एस. पटेरिया को घाटों पर अतिरिक्त हाईमास्ट लाइट और अस्थायी बल्ब लगाने के निर्देश दिए। साथ ही कूड़ा उठाने वाले वाहनों की लगातार तैनाती, शौचालय और पेयजल की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। उन्होंने स्नान क्षेत्र में प्लास्टिक और धार्मिक सामग्री फैलने से रोकने के लिए विशेष टीमें लगाने के निर्देश भी दिए। पुलिस और गोताखोर तैनात रहेंगे थाना प्रभारी रामबाबू शर्मा को घाटों पर एसडीआरएफ, गोताखोर दल, होमगार्ड जवान और पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। नदी किनारे बैरिकेडिंग की जा रही है, ताकि भीड़ के दबाव में कोई हादसा न हो। जहां नदी का बहाव तेज है, वहां चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा रस्सियां लगाने के भी निर्देश दिए गए हैं। यातायात व्यवस्था पर भी रहेगी नजर प्रशासन ने बताया कि स्नान अवधि के दौरान जरूरत पड़ने पर झांसी–खजुराहो मार्ग पर कुछ समय के लिए वाहनों को वैकल्पिक मार्ग से निकाला जा सकता है। गोताखोरों को लगातार सतर्क रहने और पुलिस को भीड़ नियंत्रण के लिए पूरी तरह मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं।


