मंडला में दो दिवसीय मकर संक्रांति पर्व आज से शुरू हो गया है। नर्मदा तटों पर श्रद्धालुओं का पहुंचना जारी है। जिले के विभिन्न घाटों पर भीड़ उमड़ रही है, लेकिन सबसे अधिक श्रद्धालु जिला मुख्यालय के महाराजपुर संगम और माहिष्मती घाट पर पहुंच रहे हैं। यहां पड़ोसी जिलों के साथ-साथ अन्य राज्यों से भी भक्त स्नान और पूजन के लिए आते हैं। इस वर्ष भी हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। इसे देखते हुए प्रशासन ने मेला स्थल पर दुकानों की व्यवस्था, घाटों पर स्नान और पूजन की सुविधा, श्रद्धालुओं की सुरक्षा तथा यातायात प्रबंधन के लिए विशेष तैयारियां की हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रेलवे ने नागपुर (इतवारी) से मंडला फोर्ट के बीच 13 से 17 जनवरी तक एक मेला स्पेशल ट्रेन चलाई है। यह ट्रेन आज सुबह श्रद्धालुओं को लेकर मंडला पहुंची। हालांकि, इस विशेष ट्रेन में केवल 25 से 30 यात्रियों का ही आवागमन दर्ज किया गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, इसका मुख्य कारण यह है कि रेलवे ने ट्रेन को केवल 24 घंटे पहले अनुमति दी, जिससे इसका पर्याप्त प्रचार-प्रसार नहीं हो सका। नतीजतन, अधिकांश जनता को इस विशेष ट्रेन की जानकारी नहीं मिल पाई। दूसरा कारण ट्रेन का मार्ग भी बताया गया है। यह ट्रेन छिंदवाड़ा-सिवनी मार्ग से संचालित की गई है। यदि इसे बालाघाट-नैनपुर-मंडला फोर्ट मार्ग से चलाया जाता, तो यात्रियों की संख्या काफी अधिक होती। तुमसर, कटंगी, वारासिवनी, बालाघाट और लमटा जैसे क्षेत्रों से मंडला के लिए कोई सीधी रेल सेवा उपलब्ध नहीं है। मकर संक्रांति पर्व पर इन क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु नर्मदा स्नान के लिए मंडला आते हैं। यदि इस मार्ग से विशेष ट्रेन चलाई जाती, तो यात्रियों को सुविधा मिलने के साथ-साथ रेलवे को भी अपेक्षित भीड़ और राजस्व प्राप्त होता।


