मकर संक्रांति से पहले रायपुर में चाइनीज मांझा पर कार्रवाई:बूढ़ातालाब और सदर बाजार की पतंग दुकानों से प्रतिबंधित मांझा जब्त किया गया

नगर निगम और छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल की संयुक्त टीम ने शहर में चाइनीज मांझा बेचने वालों पर बड़ी कार्रवाई की है। औचक निरीक्षण के दौरान बूढ़ातालाब, सदर बाजार और गोलबाजार की 4 पतंग दुकानों की जांच की गई। इसमें 3 दुकानों से कुल साढ़े 4 किलो प्रतिबंधित चाइनीज मांझा बरामद हुआ, जिसे मौके पर ही जब्त कर लिया गया। कलेक्टर, आयुक्त और एसएसपी के निर्देश पर कार्रवाई यह कार्रवाई रायपुर जिला कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह, नगर निगम आयुक्त विश्वदीप और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उम्मेद सिंह के निर्देश पर की गई।नगर निगम रायपुर जोन-4 और छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के क्षेत्रीय कार्यालय की संयुक्त टीम ने जोन कमिश्नर अरुण ध्रुव के मार्गदर्शन में निरीक्षण किया। इन दुकानों से मिला प्रतिबंधित मांझा औचक निरीक्षण के दौरान— कुल 4.5 किलो चाइनीज मांझा जब्त किया गया।इसके अलावा संगम काइट सेंटर, गोलबाजार का भी निरीक्षण किया गया। कार्रवाई के दौरान उप अभियंता हिमांशु चंद्राकर, फायरमैन ग्रेड-2 जितेंद्र यादव, अनिल मांडगे, सुपरवाइजर सुनील क्षत्री सहित संबंधित कर्मचारी मौजूद रहे। दुकानदारों को दी सख्त चेतावनी टीम ने सभी पतंग दुकानदारों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि भविष्य में यदि चाइनीज मांझा मिला, तो नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। क्या है चाइनीज मांझा और क्यों है प्रतिबंधित? चाइनीज मांझा प्लास्टिक, नायलॉन या सिंथेटिक फाइबर से बना होता है, जिस पर कांच या धातु के बारीक कण चढ़े होते हैं। यह बेहद धारदार और मजबूत होता है। खतरे क्यों? इन्हीं खतरों के चलते छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में चाइनीज मांझा पूरी तरह प्रतिबंधित है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि केवल कॉटन मांझे का ही इस्तेमाल करें और नियमों का पालन करें।

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