भास्कर न्यूज | टोंक मकर संक्रांति के पर्व बेहद ही शुभ और धार्मिक और सांस्कृतिक रुप से बेहद ही खास माना गया है। धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण मलमास 14 जनवरी को मकर संक्रांति के साथ समाप्त हो जाएगा। मान्यता के अनुसार मलमास में शादी-विवाह और अन्य मांगलिक कार्यों को टालना शुभ माना जाता है। हालांकि 14 जनवरी मलमास खत्म होने के बावजूद जनवरी माह में केवल एक ही वैवाहिक मुहूर्त उपलब्ध रहेगा। वह भी बंसत पंचमी के रुप में अबूझ मुहूर्त के रुप में। लेकिन चिंता की कोई बात नहीं है। लंबे समय से रुके विवाह और अन्य मांगलिक कार्यक्रम 3 फरवरी से फिर से शुरू हो जाएंगे। ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि मलमास के समाप्त होने के बाद ये आयोजन अधिक फलदायी और शुभ माने जाते हैं। डॉ. पं. पवन सागर ने बताया कि माघ कृष्ण एकादशी को दोपहर लगभग 3 बजे सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करेंगे। इस दिन संक्रांति का पुण्यकाल सुबह 8:40 बजे से सूर्यास्त तक रहेगा, जो दान-पुण्य के लिए शुभ माना गया है। धनु संक्रांति से चल रहा मलमास 14 जनवरी को खत्म होगा, लेकिन शुक्र तारा 2 फरवरी तक अस्त रहेगा। इसी कारण 2 फरवरी तक मांगलिक कार्य नहीं होंगे। 3 फरवरी 2025 से विवाह, मुंडन, यज्ञोपवीत, गृह प्रवेश व प्राण प्रतिष्ठा जैसे शुभ कार्य दोबारा शुरू होंगे। उन्होंने बताया कि फरवरी और मार्च में कई शुभ विवाह मुहूर्त रहेंगे। 23 जनवरी को बसंत पंचमी और 19 फरवरी को फुलेरा दूज के अबूझ सावे पर विवाहों की विशेष धूम रहेगी। इसके बाद 14 मार्च से 14 अप्रैल तक मीन संक्रांति के कारण फिर एक माह का मलमास रहेगा। डॉ. पं. पवन सागर के अनुसार, धनु की पिछली संक्रांति के कारण चल रहे मलमास का अंत 14 जनवरी से हो जाएगा। हालांकि मांगलिक (शादी, विवाह, मुण्डन, यज्ञोपवित, गृह प्रवेश, प्राण प्रतिष्ठा आदि) कार्य 3 फरवरी से ही शुरु होगें। फरवरी में 4, 5, 10, 13, 20, 21 और मार्च में 9, 10, 11 मार्च के विवाह मुहूर्त होंगे। 23 जनवरी को बसन्त पंचमी, 19 फरवरी को फुलेरा दोज के अबूझ सावों पर विवाहों की विशेष धूम रहेगी। इसके 14 मार्च से 14 अप्रेल तक मीन संक्रान्ति के काल में एक माह का मलमास रहेगा, जो 15 अप्रेल को मेष राशि के सूर्य में आने पर खत्म होगा।


