खंडवा जिले के जावर थाना क्षेत्र के ग्राम भकराड़ा में छेड़छाड़ के विवाद में आदिवासी व्यक्ति शंकर गौड़ की हत्या के मामले में शनिवार दोपहर अंतिम संस्कार कर दिया गया। इससे पहले मृतक के परिजनों और हिंदू संगठनों ने आरोपियों के मकान तोड़ने और मृतक के बेटे पर दर्ज छेड़छाड़ का केस खत्म करने की मांग को लेकर अंतिम संस्कार रोक दिया था। वे शव को शहर लाकर प्रदर्शन करने की चेतावनी दे रहे थे। पुलिस और प्रशासन के अफसरों द्वारा मांगे पूरी करने का आश्वासन देने और गांव के युवाओं की समझाइश के बाद मामला शांत हुआ। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी वसीम और गोलू उर्फ जिया को शुक्रवार को ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बावजूद परिजन और संगठन कार्रवाई से संतुष्ट नहीं थे। वे आरोपियों के मकान जमींदोज करने की मांग पर अड़े रहे। तनाव को देखते हुए शुक्रवार से लेकर देर रात तक गांव में भारी पुलिस बल तैनात रहा। अधिकारी रातभर वहीं डटे रहे। शव को शहर लाकर प्रदर्शन की थी तैयारी
हिंदू संगठनों ने चेतावनी दी थी कि वे शव को खंडवा शहर के सिविल लाइन स्थित दीनदयाल प्रतिमा के सामने रखकर प्रदर्शन करेंगे। उनकी मांग थी कि आरोपी पक्ष के मकान तोड़े जाएं और उनकी नाबालिग बेटी द्वारा लिखाई गई छेड़छाड़ की एफआईआर का खात्मा किया जाए। हालांकि, इस बीच गांव के युवाओं ने पहल की और निर्णय लिया कि आपसी विवाद में गांव का माहौल खराब नहीं होने देंगे। शनिवार सुबह पुलिस ने फिर परिजनों को समझाइश दी, जिसके बाद वे मान गए। विधायक पति और हिंदूवादी नेता पहुंचे
शुक्रवार और शनिवार को हिंदू संगठन से जुड़े अशोक पालीवाल, डॉ. अनीस अरझरे और खंडवा विधायक के पति मुकेश तनवे भी भकराड़ा पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों के सामने आरोपियों के मकान तोड़ने की मांग रखी। नेताओं ने दावा किया कि आरोपी परिवार की नाबालिग लड़की ने मृतक के बेटे पर छेड़छाड़ की जो एफआईआर कराई है, वह झूठी है। पुलिस ने नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन देकर अंतिम संस्कार कराया। 7 जनवरी को हुआ था विवाद, इंदौर में तोड़ा दम
पुलिस के मुताबिक, 7 जनवरी 2026 को एक 16 वर्षीय नाबालिग ने मृतक शंकर के बेटे संतोष और जगदीश पर छेड़छाड़ व जबरन मोबाइल देने का आरोप लगाया था। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ और मारपीट हो गई। मारपीट में संतोष घायल हुआ, वहीं बीच-बचाव करने आए उसके पिता शंकर गौंड के सिर में गंभीर चोट लगी। उन्हें इलाज के लिए इंदौर ले जाया गया, जहां शुक्रवार को उनकी मौत हो गई थी। दोनों आरोपी जेल में, जांच जारी
उप पुलिस अधीक्षक (DSP) अनिल सिंह चौहान ने बताया कि 9 जनवरी को आरोपी वसीम (पिता इकबाल) और गोलू उर्फ जिया (पिता इकबाल, 34 वर्ष) दोनों निवासी ग्राम भकराड़ा को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की विवेचना जारी है और अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। पीड़ित पक्ष को आश्वस्त करने के बाद अंतिम संस्कार करा दिया गया है।


