मोहाली/अमृतसर | पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री और अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया से अब एंटी नारकोटिक्स ब्यूरो (एनसीबी) भी पूछताछ करेगा। एनसीबी की अमृतसर जोनल यूनिट ने विजिलेंस से आगे की जांच के लिए संयुक्त पूछताछ की इजाजत मांगी है। मजीठिया पर आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज हैं। आरोप है कि उन्होंने ड्रग्स के कारोबार से संपत्ति अर्जित की है। वहीं, सोमवार को विजिलेंस की टीम मजीठिया को शिमला के मशोबरा ले गई। सूत्रों का कहना है कि विजिलेंस यहां एक संपत्ति की पहचान करने पहुंची थी, लेकिन मजीठिया ने जांच में सहयोग नहीं किया। इस बीच कारोबारी बिट्टू औलख व जगजीत सिंह चहल ने सोमवार को पंजाब विजिलेंस ब्यूरो के दफ्तर में बयान दर्ज करवाए हैं। दोनों उनके करीबी माने जाते हैं। अदालत में मामले की सुनवाई 2 जुलाई को होनी है। दोषी निकला तो चौराहे पर गोली मार दी जाए… बिट्टू औलख ने कहा कि विजिलेंस ने उनसे मजीठिया के साथ साझा की गई संपत्तियों के बारे में सवाल पूछे हैं। बिट्टू ने कहा कि अगर किसी भी जांच में यह साबित हो जाता है कि उनका नाम ड्रग मामले में है तो पंजाब के लोगों को उन्हें चौक पर खड़ा करके गोली मार देनी चाहिए। {शेष पेज 02 पर


