एसआईआर की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट प्रकाशित होने के बाद मप्र में अब तक गलत ढंग से जोड़े गए 5,894 नाम काटने के आवेदन मिल चुके हैं। इसके अलावा, छूटे हुए 85,889 नाम जोड़ने के आवेदन चुनाव आयोग के पास आए हैं। 27 अक्टूबर से पहले की स्थिति में चुनाव आयोग को नए नाम जोड़ने के 42,953 आवेदन मिले थे और 24,709 आवेदन नाम काटने के मिले थे। इस लिहाज से मतदाता सूची में कुल 99,370 नाम और बढ़ने का अनुमान है। गौरतलब है कि एसआईआर के ड्राफ्ट रोल प्रकाशन को 10 दिन पूरे हो गए हैं। चुनाव आयोग की ओर से 22 जनवरी तक आम लोगों और राजनीतिक पार्टियों से दावे आपत्तियां ली जाएंगी। मप्र में 6 मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल हैं। इन सभी की ओर से नाम जोड़ने के 1,218 और नाम हटाने के 87 आवेदन चुनाव आयोग को दिए गए हैं। नाम जोड़ने के सर्वाधिक 920 आवेदन भाजपा ने दिए हैं, जबकि 279 नाम जोड़ने के प्रस्ताव कांग्रेस की ओर से आए हैं। बसपा ने भी 19 नाम जोड़ने के आवेदन दिए हैं। वहीं, आम आदमी पार्टी, कम्युनिस्ट पार्टी और नेशनल पीपुल्स पार्टी की ओर से एक भी दावा या आपत्ति नहीं आई है। आयोग ने पार्टियों को सौंपी बूथवार अनमैप्ड वोटर सूची चुनाव आयोग ने गुरुवार को प्रदेश के सभी 6 मान्यता प्राप्त दलों के प्रतिनिधियों के साथ एसआईआर में दावे आपत्तियों की स्थिति को लेकर बैठक की। अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रामप्रताप सिंह जादौन ने पार्टी प्रतिनिधियों को विधानसभावार अनमैप्ड, अनुपस्थित मिले, मृत, इस लिहाज और डुप्लीकेसी रजिस्ट्रेशन वाले नामों की सूची सौंप दी। सभी दलों को डिजिटल फॉर्मेट में यह जानकारी उपलब्ध कराई गई है।


