इधर बस ऑपरेटरों ने किया अधिग्रहण से ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ने का दावा चुनाव के चलते राजनीतिक दलों ने छोटे टैक्सी वाहनों की बुकिंग की है। जिससे शादी सीजन में बसों और छोटे वाहनों की कमी है। दुर्ग, मानपुर, मोहला एवं अंबागढ़ चौंकी, छुरिया, डोंगरगढ़, बागनदी, धमतरी बालोद, खैरागढ़, गंडई, छुईखदान, कबीरधाम तक जाने वाली बसों की संख्या में 20 फीसदी कमी आई है। बस संचालकों का कहना है। अधिग्रहण से ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ा। वैकल्पिक इंतजाम के रूप में स्पेयर वाली बसें काम आ रही। रूटों से 1-2 बसें कम हुई है। दैनिक एवं आम यात्री सफर कर रहे। शादियों के लिए बसें उपलब्ध है। 3 चरणों में वोटिंग, ज्यादा बसें अधिग्रहित नहीं हुई आरटीओ आनंद शर्मा ने बताया जो बसें निकाय चुनाव में 10 से 15 फरवरी के बीच अधिग्रहित कर उपयोग की गई। वहीं बसें 15 से 23 के बीच त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव में उपयोग की जा रही है। एमएमसी और केसीजी जिले में भी उन्हीं बसों का उपयोग कर रहें है। एमएमसी जिले में करीब 38, केसीजी जिले में करीब 74 बसें लगेगी। निकाय चुनाव में 43 और त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव में 50-55 बसें लगी थी। यह चुनाव अलग-अलग चरण में होने से कम अधिग्रहण किया। दो जिले में अलग-अलग तिथियों में वोटिंग होगी एमएमसी और केसीजी जिले के पंचायत चुनाव की अलग-अलग तिथियों में वोटिंग होगी। पहले चरण में 17 को वोटिंग हुई और अब 20 एवं 23 को मतदान होगा। पुलिस बल, निर्वाचन आयोग के अफसर, मतदान दलों को मतदान केन्द्रों तक पहुंचाने यात्री बसों एवं स्कूल बसों का अधिग्रहण किया गया है। 17 की वोटिंग में बसें काम आई अब वहीं बसें अगले चरण में 20 फिर 23 फरवरी को लगेंगी। स्कूल छोड़ने और वापस लाने के लिए पालकों को मशक्कत करनी पड़ी चुनावी कार्य में स्कूल बसों का अधिग्रहण होने से सोमवार को शहर के कुछ निजी स्कूलों की बसें नहीं चली। स्कूल प्रबंधन ने पालकों के वॉट्सएप नंबरों पर बसों में खराबी आने के कारण सोमवार को बस सुविधा उपलब्ध नहीं होने की सूचना डाल दी। ऐसे में पालकों ने अपनी व्यस्तता के बीच बच्चों को स्कूल छोड़ा और लेने पहुंचे। कई पालकों को इसकी सूचना नहीं मिलने से वह अलग परेशान रहे। स्कूलों द्वारा कोई वैकल्पिक इंतजाम भी नहीं किया गया। इसके चलते आपाधापी की स्थिति बनी रही। भास्कर न्यूज | राजनांदगांव त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव में मतदान दलों को बूथों तक पहुंचाने यात्री और स्कूल बसों का अधिग्रहण किया गया है। बसों की संख्या कम होने से आम यात्रियों और स्कूली बच्चों की परेशानी बढ़ गई। स्कूल बसें नहीं चलने से पालकों को ही अपने बच्चों को स्कूल छोड़ना और लाना पड़ रहा। त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव के लिए तीनों जिले से 260 यात्री बसें एवं स्कूल बसों का अधिग्रहण किया गया है। सभी बसें चुनावी कार्य में लगी है। जिससे सड़कों से करीब 20 प्रतिशत बसें कम हो गई। निर्वाचन आयोग के निर्देश पर परिवहन विभाग ने बसों का अधिग्रहण किया है। तीनों जिले में तीन चुनावी चरण और वोटिंग की तारीख अनुसार वाहनों का अधिग्रहण किया गया है। चुनावी सामग्री, मतदान दलों को मतदान केन्द्रों तक पहुंचाने एवं मतदान के बाद वापस लाने 210 बसें और 40 छोटे वाहन करीब 260 से ज्यादा वाहनों को अधिग्रहित करना पड़ा। तीनों जिले में निकाय और त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव की अलग-अलग तिथियां तय है। निकाय चुनाव में ज्यादा वाहन नहीं लगे, लेकिन त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव में ज्यादा वाहनों की जरूरत पड़ रही है। राजनांदगांव. बसों का अधिग्रहण होने से बस स्टैंड में बसों की संख्या कम।


