मथुरा के एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय में बच्चों से कथित तौर पर नमाज पढ़वाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि स्कूल का एक टीचर छोटे-छोटे बच्चों का ब्रेनवॉश करता है। उनसे जबरन नमाज पढ़वाता है। धर्म विशेष का प्रचार करता है। इस्लाम को अन्य धर्मों से अच्छा बताता है। उन पर इस्लाम अपनाने के लिए दबाव बनाता है। इस मामले में भाजपा नेता ने बीएसए से शिकायत की थी। बीएसए ने प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए टीचर को निलंबित कर दिया है। साथ ही दो सदस्यीय कमेटी बनाकर जांच शुरू कर दी है। अब विस्तार से पढ़िए पूरा मामला बच्चों को इस्लाम अपनाने के लिए मोटिवेट करते हैं भाजपा के बाजना मंडल अध्यक्ष, दुर्गेश प्रधान ने शनिवार को मथुरा के बीएसए को शिकायती पत्र सौंपा। जिसमें उन्होंने बताया- नौहझील के प्राथमिक विद्यालय में हिंदू और मुसलमान दोनों धर्मों के बच्चे पढ़ते हैं। टीचर जान मोहम्मद कार्यरत हैं। वह बच्चों का ब्रेनवाश करते हैं। उनसे जबरन नमाज पढ़वाते हैं। बच्चों से बोलते हैं कि इस्लाम दूसरे धर्मों से अच्छा है। उन्हें इस्लाम की बातों को फॉलो करना चाहिए। हिंदू-देवी देवताओं का किया अपमान जान मोहम्मद हिंदू धर्म को नीचा दिखाते हैं। हिंदू देवी-देवताओं को लेकर अमर्यादित बातें बोलते हैं। उनका अपमान करते हैं। बाहर से तब्लीगी जमात के लोग बुलाए जाते हैं। वे स्कूल में धर्म विशेष का प्रचार करते हैं। बच्चों को इस्लाम धर्मं की शिक्षा देते हैं। बच्चे राष्ट्रगान गाते हैं तो उन्हें डांटा जाता है। पैरेंट्स ने भाजपा नेता से की थी शिकायत भाजपा नेता के अनुसार- बच्चों ने परेशान होकर पैरेंट्स को घटना की जानकारी दी। पैरेंट्स ने शुक्रवार को उन्हें पूरे मामले से अवगत कराया। तब जाकर उन्हें घटना का पता चला। उन्होंने बीएसए से मामले की जांच कराने और आरोपी टीचर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। बीएसए बोले- मामले की कर रहे जांच मथुरा के बीएसए रतन कीर्ति ने मीडिया से बातचीत में बताया- नौहझील के प्राथमिक विद्यालय में बच्चों नमाज पढ़वाने की शिकायत मिली थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए खंड शिक्षा अधिकारी से आख्या मांगी थी। आख्या में टीचर जान मोहम्मद को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया। उन्हें निलंबित कर प्राथमिक विद्यालय नगला हुमायूं, मांट से अटैच किया गया है। बीईओ छाता और बीईओ मांट को जांच करने के लिए आदेश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई की जाएगी।


