विजय दशमी पर्व मथुरा में धूमधाम से मनाया गया। असत्य पर सत्य की विजय के पर्व दशहरा पर क्षत्रिय समाज के लोगों ने वृंदावन क्षत्रिय महासभा के बैनर तले एक स्थान पर एकत्रित होकर शस्त्र पूजन किया और महाराणा प्रताप के बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया। भगवान राम का किया पूजन वृंदावन के परिक्रमा मार्ग में विजय दशमी पर्व के अवसर पर क्षत्रिय समाज के लोग एकत्रित हुए। यहां वृंदावन क्षत्रिय महासभा के बैनर तले आयोजित शस्त्र पूजन कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्री राम के छवि चित्र का पूजन कर किया गया। इस दौरान कार्यक्रम स्थल भगवान जय श्री राम के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। कोई लाया राइफल तो कोई लाया तलवार शस्त्र पूजन कार्यक्रम के लिए मथुरा जिले के अलग अलग शहर और गांव से आए क्षत्रिय समाज के लोग अपने अपने हथियार लेकर पहुंचे। कोई राइफल,कोई पिस्टल,कोई रिवॉल्वर तो कोई तलवार लेकर पहुंचा। यहां भगवान राम का पूजन करने के पश्चात सामूहिक रूप से शस्त्र पूजन कार्यक्रम शुरू किया गया। जिसमें सभी ने अपने अपने शस्त्रों का रोली,चावल और पुष्प अर्पित कर पूजन किया। सदियों से निभा रहे परंपरा वृंदावन क्षत्रिय महासभा से जुड़े जितेंद्र राणा ने बताया कि भगवान राम ने त्रेता में रावण पर विजय प्राप्त कर शस्त्र पूजा की। इसके बाद कलयुग में महाराणा प्रताप ने हल्दी घाटी का युद्ध जीतने के बाद शस्त्र पूजा की। शस्त्र पूजन की यह परंपरा सदियों से चली आ रही है। इस बार विजय दशमी पर्व पर जिले के सभी क्षत्रिय समाज के लोगों ने एक मंच पर आकर शस्त्र पूजन कर एकता का संदेश दिया है। शस्त्र आत्मरक्षा, अन्याय और शोषण के विरुद्ध जंग का प्रतीक है। शस्त्रों के भरोसे ही धर्म और देश की रक्षा की जा सकती है। विजय दशमी पर शस्त्र पूजन करना केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि यह हमारी सुरक्षा और शक्ति का प्रतीक है. यह पूजा हमें आत्मविश्वास, साहस, और दुश्मनों पर विजय प्राप्त करने की शक्ति प्रदान करती इस पूजा से परिवार व समाज की समृद्धि और सुरक्षा भी सुनिश्चित होती है. अतः दशहरे के दिन शस्त्र पूजन करना न केवल परंपरा है, बल्कि यह हमें बुराई पर अच्छाई की जीत की याद दिलाता है और जीवन में संघर्षों का सामना करने के लिए प्रेरित करता है. यह रहे मौजूद कार्यक्रम में मुकेश सिंह सिकरवार,सपा नेता ठाकुर किशोर सिंह प्रधान, कारे बाबा,ठाकुर उदय सिंह राघव,धीरज सिंह,हरेंद्र सिंह,हरिवल्लभ सिंह, राधा कृष्ण,यशवीर राघव,सोहन सिंह सिसौदिया,एडवोकेट दिनेश सिंह,प्रमोद सिसौदिया,लेखराज सिंह,भाव सिंह आदि उपस्थित रहे।


