मथुरा में महिला अफसर 70 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार:विजिलेंस ने घर से पकड़ा; 45 मिनट बंद कमरे में पूछताछ की

मथुरा में महिला PCS किरण चौधरी को विजिलेंस टीम ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान विजिलेंस टीम की महिला SP ने ट्रैप कर किरण चौधरी को 70 हजार रुपए लेते रंगे हाथों पकड़ा। विजिलेंस टीम को शिकायत मिली थी कि DPRO किरण चौधरी काम करने के एवज में रिश्वत मांग रही हैं। इसके बाद टीम ने पूरी प्लानिंग के साथ उनके घर पर छापेमारी की। सुबह 11 बजे लखनऊ से विजिलेंस टीम इंद्रप्रस्थ कॉलोनी स्थित किरण चौधरी के घर पहुंची। उनको कार में बैठाकर ले गई। 2 तस्वीरें देखिए… 4 गाड़ियों से पहुंची टीम
DG विजिलेंस राजीव कृष्णा ने बताया, DPRO को रंगे हाथों रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है। टीम 4 कारों से किरण चौधरी के घर पहुंची। कार में 4-5 महिला अधिकारी मौजूद थीं, साथ में अन्य अफसर भी थे। छापेमारी के दौरान किरण चौधरी का मोबाइल फोन जमा करा लिया गया। बंद कमरे में महिला अधिकारियों ने मथुरा DPRO से करीब 30 से 45 मिनट तक पूछताछ की। ग्राम प्रधान ने की थी शिकायत
DPRO किरण चौधरी को लेकर एक ग्राम प्रधान ने शिकायत की थी। इसमें कहा गया था कि महिला अफसर काम करने के एवज में 70 हजार रुपए की रिश्वत मांग रही हैं। इसके बाद लखनऊ से विजिलेंस की दो टीमें किरण चौधरी की छानबीन में लग गईं। किरण के पति दिल्ली में प्राइवेट कंपनी में इंजीनियर हैं। मथुरा के घर में ससुर और ननद हैं। किरण कल से ऑफिस नहीं आई थीं। महिला SP ने ट्रैप किया
विजिलेंस टीम ने महिला PCS किरण के यहां छापेमारी का ग्राफ तैयार किया। SP विजिलेंस बबिता सिंह टीम के साथ DPRO के घर पहुंचीं। इस दौरान जैसे ही शिकायतकर्ता ने किरण चौधरी को 70 हजार रुपए पकड़ाए, टीम ने उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया। इसके बाद विजिलेंस की दूसरी टीम राजीव भवन स्थित उनके कार्यालय पहुंची। इस दौरान शिकायतकर्ता भी साथ में थे। टीम ने यहां से कुछ फाइलें जब्त कीं, जिन्हें कब्जे में ले लिया है। दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है। इस तरह DPRO तक पहुंची विजिलेंस
झुड़ावई गांव के प्रधान प्रताप सिंह राना ने यूपी विजिलेंस को एक शिकायत की। कहा- मैंने अपनी ग्राम सभा में 2022-23 में अस्थायी गोशाला के टीन शेड का निर्माण मे. हरेकृष्णा कंस्ट्रक्शन से टेंडर प्रक्रिया से कराया था। इस काम का भुगतान भी कर दिया गया था। लेकिन, कुछ कमियों की वजह से मेरे खिलाफ ग्राम पंचायत की 3 सदस्यीय कमेटी बना दी गई। इसके बाद मथुरा की जिला पंचायती राज अधिकारी किरन चौधरी ने कागजात देने के लिए नोटिस जारी किया। इस पर मैंने और सचिव ने सारे कागजात उनको दे दिए। किरन चौधरी ने इस मामले में मेरे पक्ष में रिपोर्ट लगाने के लिए 70 हजार रुपए की रिश्वत मांगी। यह रकम उन्होंने अपने सेवानिवृत्त ड्राइवर बिजेंद्र सिंह के जरिए कराई। इस शिकायत की विजिलेंस ने जांच कराई, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद 4 फरवरी (आज) को विजिलेंस ने किरन चौधरी और बिजेंद्र सिंह को प्रताप सिंह राना से 70 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। ———————– यह खबर भी पढ़ें… दलित युवती से 1 घंटे दरिंदगी, नाखूनों से नोंचा, बॉडी छिपाने के लिए 2 जगह बदली, आरोपी बोले- नशे में कितना पीटा, याद नहीं हम लोगों ने दौड़ाकर खेत में उसे दबोचा। दुपट्‌टा मुंह में ठूंस दिया, लेकिन लगातार विरोध करती रही। गुस्से में उसके सिर पर डंडे मारे। हमें पता ही नहीं चला कब मर गई। ये कबूलनामा है अयोध्या में दलित युवती की हत्या मामले में मुख्य आरोपी दिग्विजय सिंह का। पूरी खबर पढ़ें…

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