डिंडौरी में मनरेगा, पीएम पोषण और प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के आयुक्त अभि प्रसाद ने मंगलवार को शहपुरा और डिंडौरी जनपद पंचायत क्षेत्रों का दौरा कर विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने डूंगरिया माध्यमिक स्कूल में अधिकारियों के साथ बैठकर मध्याह्न भोजन का स्वाद भी लिया और कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में विस्तृत समीक्षा बैठक की। गांवों में ‘मां की बगिया’ और तालाबों का लिया जायजा निरीक्षण के दौरान आयुक्त मालपुर गांव पहुंचे, जहां उन्होंने ‘मां की बगिया’ का अवलोकन किया। तेंदू मेर मोहतरा गांव में नए तालाब की प्रगति देखी। डिंडौरी जनपद के पलकी गांव में बुधिया बाई के खेत तालाब का निरीक्षण किया और उनसे चर्चा की। इसी तरह मुड़िया कला में जगतिया बाई तथा औरई ग्राम पंचायत में सीता बाई की ‘मां की बगिया’ का भी उन्होंने निरीक्षण किया। बोले- काम मांगने पर मिले रोजगार कलेक्ट्रेट में हुई समीक्षा बैठक में आयुक्त ने मनरेगा, पीएम पोषण और प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना की वर्तमान प्रगति पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि जिले को इस वर्ष 79 लाख मानव दिवस का लक्ष्य दिया गया है।
आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मनरेगा पूरी तरह मांग आधारित योजना है, अतः काम मांगने पर तत्काल उपलब्ध कराया जाए। सभी श्रमिकों के भुगतान समय पर किए जाएं। सिपरी ऐप से चयनित कार्यों को ही स्वीकृति दी जाए। मध्याह्न भोजन को लेकर दिए निर्देश आयुक्त ने निर्देश दिया कि मध्याह्न भोजन तैयार करने का कार्य ग्रामीण राज्य आजीविका मिशन के स्वयं सहायता समूहों को ही सौंपा जाए। जिन रसोइयों का पंजीकरण नहीं हुआ है, उनका जल्द पंजीकरण कराया जाए। उन्होंने नर्मदा परिक्रमा पथ निर्माण को समय सीमा में पूरा करने, वाटरशेड योजना के 25 करोड़ रुपए के कार्यों को तकनीकी एवं प्रशासनिक मंजूरी देकर इसी वित्तीय वर्ष में समाप्त करने पर भी जोर दिया। ‘मां की बगिया’ से जुड़ी सभी महिलाओं को प्रशिक्षण दिलाने के लिए भी आवश्यक निर्देश दिए गए। यह रहे मौजूद बैठक में कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया, जिला पंचायत सीईओ दिव्यांशु चौधरी, जनपद सीईओ और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।


