मनरेगा कानून में बदलावों का विरोध:पीसीसी सचिव के नेतृत्व में किया श्रमदान, कहा- बंद करने का प्रयास बर्दाश्त नहीं

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद डोटासरा के निर्देश पर पीसीसी सचिव मुष्ताक खान के नेतृत्व में रविवार को ग्राम पंचायत सोमासी में मनरेगा के तहत श्रमदान किया गया। यह श्रमदान मनरेगा कानून में किए गए बदलावों के विरोध में किया गया। इस अवसर पर मुष्ताक खान ने मनरेगा श्रमिकों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि मनरेगा कानून में संशोधन कर उसे बंद करने का प्रयास किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। खान ने मांग की कि जिन मनरेगा श्रमिकों की आयु 65 वर्ष से अधिक हो गई है या जिन्होंने मनरेगा में 15 साल से अधिक कार्य किया है, उनके लिए पेंशन व्यवस्था लागू होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि मनरेगा कार्यस्थल की दूरी यदि तीन किलोमीटर से अधिक है, तो सरकार को श्रमिकों के आने-जाने के लिए परिवहन व्यवस्था करनी चाहिए। ऐसा न होने पर पूरे देश में मनरेगा मजदूर क्रांति के रूप में जन आंदोलन चलाया जाएगा। मुष्ताक खान ने दोहराया कि केंद्र सरकार मनरेगा में बदलाव कर गरीब मजदूरों को परेशान कर रही है। कांग्रेस इसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं करेगी। निवर्तमान पार्षद अंजनी कुमार शर्मा ने कहा कि जिन मेटों को मनरेगा में पांच वर्ष से अधिक का कार्यकाल हो चुका है, उनका स्थायीकरण होना चाहिए। इस मौके पर यूथ कांग्रेस प्रदेश सचिव महेश ढूकिया, पुलकित चौधरी, गोपीराम ढूकिया, जगदीश लुहार, नोरंगाराम पूनिया, कमल मेहरा, शिवकरण, सुंडा, इंद्राज नायक, विजय लोट, कुलदीप लोट, विजय ढूकिया, हरिश पूनिया और महेश मेहरा सहित अनेक ग्रामीण मौजूद थे।

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