मंदसौर के गांधी चौराहा पर रविवार को जिला कांग्रेस कमेटी ने केंद्र सरकार की नीतियों और किसानों को मुआवजा न मिलने के विरोध में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कांग्रेस वर्किंग कमेटी की सदस्य एवं पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार मनरेगा जैसी महत्वाकांक्षी योजना को कमजोर कर रही है। उन्होंने कहा कि मनरेगा गांवों की आर्थिक रीढ़ है और केवल नाम बदलने से ग्रामीणों, किसानों व मजदूरों का भला नहीं होने वाला। मीनाक्षी नटराजन ने कहा कि मनरेगा कोई सरकारी मेहरबानी नहीं, बल्कि मजदूरों का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रस्तावित ट्रेड डील देश के किसानों और अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाएगी। जब देश पर टैरिफ लगाए जा रहे थे, तब केंद्र सरकार केवल बयानबाजी करती रही। ‘दफ्तरों में बैठकर हो रहा सर्वे’ उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार आम आदमी, किसान और मजदूरों की नहीं, बल्कि पूंजीपतियों के हित में काम कर रही है। राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से किसानों को भारी नुकसान हुआ, लेकिन जमीनी सर्वे के बजाय कार्यालयों में बैठकर औपचारिकताएं निभाई जा रही हैं। ‘कमलनाथ सरकार ने तुरंत दिया था मुआवजा’ पूर्व सांसद ने कहा कि वर्ष 2019 में कांग्रेस सरकार के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ ने किसानों को बिना देरी किए तत्काल मुआवजा दिया था, जबकि आज किसान राहत के लिए भटक रहे हैं। जिला अध्यक्ष बोले- अब तक नहीं मिली राहत जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र सिंह गुर्जर ने कहा कि जिले में हाल ही में हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को भारी नुकसान हुआ है, लेकिन अब तक मुआवजा नहीं मिला। कांग्रेस पार्टी किसानों और मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई अंतिम दम तक लड़ेगी।


