मनरेगा नाम बदलने के फैसले का अशोकनगर में विरोध:कांग्रेस ने गांधी पार्क में धरना दिया, गरीबों के अधिकार का मुद्दा उठाया

अशोकनगर में केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का नाम बदलने के फैसले का विरोध किया गया। बुधवार दोपहर कांग्रेस विधायक हरी बाबू राय और जिलाध्यक्ष राजेंद्र कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी गांधी पार्क में एकत्रित हुए। धरने को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि गरीब, मजदूर और ग्रामीण भारत के काम के अधिकार की गारंटी है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसका नाम बदलना महात्मा गांधी के विचारों और उनके नाम से जुड़ी जनकल्याणकारी भावना का अपमान है। कांग्रेस बोली- यह गरीबों की रोजी-रोटी पर प्रहार
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार लगातार गरीबों की रोजी-रोटी पर प्रहार कर रही है। उनके अनुसार, मनरेगा का नाम बदलकर और इसके स्वरूप में बदलाव कर रोजगार के अधिकार को कमजोर किया जा रहा है। नेताओं ने यह भी कहा कि योजना के बजट निर्धारण की जिम्मेदारी राज्य सरकारों पर डालकर केंद्र अपनी जवाबदेही से बचना चाहती है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि वह मनरेगा और गरीबों के अधिकारों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी। पार्टी ने कहा कि इस फैसले के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रहेगा।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *