विदिशा जिला कांग्रेस कमेटी ने शनिवार को केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा का नाम बदलकर ‘जी राम जी योजना’ करने के प्रस्ताव और इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। प्रेस वार्ता में जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहित रघुवंशी और पूर्व सांसद प्रताप भानु शर्मा ने मनरेगा का स्वरूप बदलने के खिलाफ जन आंदोलन की घोषणा की। साथ ही इंदौर घटना के विरोध में 11 जनवरी को होने वाले प्रदेश स्तरीय पैदल मार्च की जानकारी दी। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का नाम बदलकर ‘जी राम जी योजना’ करना चाहती है, जो मजदूरों के अधिकारों पर सीधा हमला है। उन्होंने योजना को यथावत रखने, मजदूरों की प्रतिदिन की मजदूरी बढ़ाने और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करने का संकल्प लिया। इंदौर महापौर को हटाए सरकार, मंत्री विजयवर्गीय दें इस्तीफा जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहित रघुवंशी ने इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से अब तक 20 नागरिकों की मौत और 1000 से अधिक लोगों के बीमार होने को शासन की आपराधिक लापरवाही करार दिया। उन्होंने मांग की कि इंदौर महापौर को तत्काल पद से हटाया जाए। साथ ही मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के असंवेदनशील बयानों के विरोध में उनसे इस्तीफा लिया जाए। मुआवजा 2 लाख नहीं, 1 करोड़ मिले कांग्रेस ने मृतकों के परिजनों को दिए जाने वाले 2 लाख रुपए के मुआवजे को नाकाफी बताते हुए इसे बढ़ाकर प्रति परिवार एक करोड़ रुपए करने की मांग की। साथ ही, पूरे मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच कर दोषियों पर गैर इरादतन हत्या का प्रकरण दर्ज करने की मांग की गई। 11 जनवरी को इंदौर में पैदल मार्च मोहित रघुवंशी ने बताया कि इन मौतों के विरोध में मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा 11 जनवरी (रविवार) को इंदौर में प्रदेश स्तरीय पैदल मार्च आयोजित किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिलेगा और दोषियों को सजा नहीं होगी, कांग्रेस अपना संघर्ष जारी रखेगी। प्रेस वार्ता में पूर्व सांसद प्रताप भानु शर्मा, पूर्व जिला अध्यक्ष कमल सिलाकारी, जिला प्रवक्ता अरुण अवस्थी और नगर अध्यक्ष रवि साहू सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।


