भास्कर न्यूज | गरियाबंद मनरेगा को लेकर शुक्रवार को कांग्रेस ने कलेक्टोरेट का घेराव किया। कांग्रेसियों को पुलिस ने बेरिकेड्स लगाकर गेट पर ही रोक दिया। इस दौरान कांग्रेसियों ने मनरेगा में किए संशोधन, योजना के नाम परिर्वतन को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस ने केंद्र सरकार द्वारा किए गए सुधार को जनविरोधी बताया और इस पर रोक लगाने की मांग की लेकर राष्ट्रपति के नाम अपर कलेक्टर ऋषा ठाकुर को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान कांग्रेस ने कानून को यथावत रखने, समयबद्ध मजदूरी भुगतान और पारदर्शिता की व्यवस्था जारी रखने की मांग की। इस दौरान प्रदर्शन को संबोधित करते हुए बिंद्रानवागढ़ विधायक जनक राम ध्रुव ने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी अधिनियम ग्रामीण भारत की महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजना है, यह गरीबों के जीवनयापन का आधार है। नीतिगत बदलाव से मजदूर वर्ग प्रभावित हो सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि योजना में जनविरोधी बदलाव किए गए तो कांग्रेस आंदोलन तेज करेगी। जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सुखचंद बेसरा ने कहा कि योजना का नाम या स्वरूप बदलना जनभावनाओं के विपरीत है। उन्होंने राष्ट्रपति से राष्ट्रहित और जनहित को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित संशोधनों पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया। इस दौरान ब्लॉक अध्यक्ष अमित मिरी ने कहा कि कांग्रेस प्रस्तावित संशोधन और वित्तीय हिस्सेदारी में बदलाव से राज्य सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव बढ़ेगा। पहले योजना में केंद्र की भागीदारी 90 प्रतिशत थी, अब 60 और 40 प्रतिशत का अनुपात कर दिया है।


