भास्कर न्यूज | अमृतसर मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत शुक्रवार को जंडियाला गुरु में कांग्रेस की रैली में नेता मजदूरों के हितों की बात करने पहुंचे थे। मगर मंच पर भाषण के दौरान केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू सभी नेताओं के निशाने पर रहे। हर नेता ने केंद्र सरकार, राज्य सरकार के बाद सीधे रवनीत सिंह बिट्टू को निशाने पर लिया। प्रदेश प्रधान राजा वड़िंग, नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा, सुखपाल सिंह खैहरा आदि ने 10-10 मिनट तक भाषण दिया। इन सभी टाइम लाइन की बात की जाए, तो हरेक ने 10 मिनट में से 3-3 मिनट मनरेगा और केंद्र सरकार, 2 से 3 मिनट पंजाब की कानून व्यवस्था तो करीब 4-4 मिनट बिट्टू को गद्दार बताने पर जोर दिया। प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल ने 7 मिनट भाषण दिया मगर उन्होंने मनरेगा पर कुछ बोला ही नहीं। सुबह 11 बजे शुरू होने वाली यह रैली करीब साढ़े 12 बजे शुरू हुई। रैली में पंजाब प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और भूपेश बघेल करीब 1.15 बजे स्टेज पर पहुंचे। सभी नेताओं के भाषणों के कारण टाइम काफी बीत गया, जिस कारण राजा वड़िंग और भूपेश बघेल के पास समय कम रह गया। दोपहर 2.50 बजे जब बघेल भाषण देने लगे पहुंचे तो लोग अपनी कुर्सियों से उठकर पंडाल से बाहर जाने शुरू हो गए। उनके भाषण के 7 मिनट में ज्यादातर लोग कुर्सियां छोड़ चले गए। इसी वजह से उन्होंने भाषण जल्द खत्म कर दिया। इसी वजह से बघेल मनरेगा पर कुछ बोल ही नहीं पाए। रैली के दौरान स्टेज पर किसी भी नेता या कार्यकर्ता के लिए कुर्सियां नहीं लगाई गई। बल्कि स्टेडियम के जैसे सीिढ़यों जैसा पैवेलियन स्टाइल सिस्टम लगाया गया। पार्टी के नेताओं ने बताया कि इस दिनों पार्टी जो भी रैली या बड़ा सियासी कार्यक्रम आयोजित कर रही है, उसमें कुर्सियां लगानी बंद कर दी हैं। चूंकि इससे पहले जब कुर्सियां लगाई जाती थीं, जो स्टेज पर कुर्सी के लिए नेताओं में काफी कहासुनी होती थी। अगर कोई दूसरे के नाम वाली कुर्सी पर बैठ जाए तो स्थिति और भी असहज हो जाती थी। नई व्यवस्था में पहली लाइन में लोग भी ज्यादा आ जाते हैं और विवाद से भी बचाव रहता है। बाजवा ने कहा कि केंद्र सरकार जहां मनरेगा के जरिए गरीब- मजदूरों का हक मारने में जुटी है तो पंजाब सरकार उनके हाथों में खेल रही है। सच्चाई यह है कि 100 दिनों के काम के अधिकार के बावजूद लोगों को 38 दिन ही काम मिलता था। अब वो भी नहीं मिलेगा। वड़िंग ने कहा कि बिट्टू को राहुल ने गद्दार फ्रेंड कह कर बुलाया था। भाजपा उसे सिख कौम के साथ जोड़ना चाहती है। बिट्टू पूरी सिख कौम नहीं है। बिट्टू पहले दस्तार (पगड़ी) धारण नहीं करते थे। उन्हें राहुल ने ही दस्तार सजाने के लिए कहा था। कांग्रेस के पंजाब इंचार्ज भूपेश बघेल ने कहा कि अमेरिका से डील करके सरकार ने किसानों का नुकसान किया है। प्रधानमंत्री, अडानी और अंबानी तीनों के नाम इपस्टीन फाइल्स में हैं। इसलिए इपस्टीन पर भाजपा और उसके नेता कुछ नहीं बोलते। रंधावा ने कहा कि कांग्रेस ने बिट्टू को 3 बार सांसद बनाया। उनके परिवार को सम्मान दिया फिर भी भाजपा में चले गए। अब उसे गद्दार नहीं तो क्या कहें। जंडियाला के विधायक और मंत्री हरभजन सिंह पर भी रंधावा ने भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने के आरोप लगाए। राजा वड़िंग के 12 पांजे 48 वाले भाषण के वायरल होने के बाद पार्टी रैलियों का लाइव प्रसारण सोशल मीडिया पर नहीं कर रही है। बल्कि भाषणें को चेक करने के बाद ड्रैफेर्ड लाइव किया जा रहा है। पुराने भाषणों को लेकर फजीहद होने के बाद कांग्रेस की मीडिया टीम सजग हो गई है। यही कारण है भाषण अब 15 मिनट देरी से डैफेर्ड लाइव दिया जाता है। ताकि यदि कोई गलत बयान बोला जाए, तो उसे काट कर बाकी हिस्सा प्रसारित कर दिया जाए।


