एमसीबी जिला मुख्यालय मनेंद्रगढ़ में कांग्रेस ने “मनरेगा बचाओ संग्राम” के तहत एक दिवसीय उपवास सत्याग्रह का आयोजन किया। यह सत्याग्रह चैनपुर धरना स्थल पर शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। इस उपवास सत्याग्रह में जिला कांग्रेस अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव, पूर्व विधायक गुलाब कमरो और डॉ. विनय जायसवाल, एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडे सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक उपस्थित रहे। उपस्थित नेताओं ने एक स्वर में कहा कि मनरेगा केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि देश के करोड़ों गरीब, मजदूर और ग्रामीण परिवारों के लिए काम के अधिकार का सशक्त आधार है। इसे कमजोर करना सीधे तौर पर आम जनता के अधिकारों पर हमला है। मनरेगा कमजोर करने का आरोप, कांग्रेस का केंद्र पर हमला कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि उसकी नीतियों के कारण मनरेगा को लगातार कमजोर किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी और आर्थिक संकट बढ़ रहा है। उपवास सत्याग्रह के माध्यम से केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध दर्ज कराते हुए मनरेगा को और अधिक मजबूत करने, समय पर भुगतान तथा पर्याप्त बजट आवंटन की मांग की गई। काम के अधिकार की लड़ाई जारी रखने का ऐलान कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि जब तक काम के अधिकार की रक्षा नहीं होती, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा। एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडे ने कहा कि नए नियम अनुसार राज्य सरकार को मनरेगा का चालीस प्रतिशत खर्च वहन करना पड़ेगा। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि इससे यह योजना धीरे-धीरे विफल हो जाएगी और ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को काम नहीं मिलेगा।


