मनरेगा में पारदर्शिता के लिए QR कोड लागू:दुर्ग के किसानों ने कोडिया समिति बनाए रखने की मांग की; कलेक्टर ने दिया आश्वासन

दुर्ग जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत पारदर्शिता बढ़ाने के लिए एक नई डिजिटल पहल शुरू की गई है। इसके तहत क्यूआर कोड प्रणाली लागू की जाएगी। आगामी 7 अक्टूबर 2025 को सभी ग्राम पंचायतों में आयोजित होने वाले रोजगार दिवस पर ग्रामीणों को इस क्यूआर कोड प्रणाली की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। 7 अक्टूबर को जिला कार्यालय में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में डिप्टी कलेक्टर हितेश पिस्दा और उत्तम ध्रुव भी मौजूद थे। ग्राम पथरिया और सहगांव के किसानों ने सेवा सहकारी समिति को कोडिया में ही बनाए रखने की मांग की। किसानों ने बताया कि वे सालों से खाद-बीज और ऋण संबंधी कार्य कोडिया समिति के माध्यम से ही करते आ रहे हैं। उनका कहना था कि नया प्रस्तावित धान खरीदी केंद्र मेडेसरा अधिक दूरी पर और असुविधाजनक है। इस पर कलेक्टर ने जिला केंद्रीय सहकारी बैंक को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। ग्रामीणों के 92 आवेदन मिले कार्यक्रम में कलेक्टर अभिजीत सिंह के सामने ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं रखीं। कलेक्टर ने अधिकारियों को सभी आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। इस दौरान भूमि सीमांकन, सीसी रोड निर्माण, आवास, आर्थिक सहायता और ऋण पुस्तिका सुधार सहित 92 आवेदन मिले। कलेक्टर ने तुरंत सुधार के दिए निर्देश वहीं, ग्राम अकतई के सरपंच ने प्राथमिक शाला भवन की जर्जर स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए शीघ्र मरम्मत की मांग की। उन्होंने बताया कि बारिश में भवन की छत से पानी टपकता है और मलबा गिरने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कलेक्टर ने जनपद पंचायत के सीईओ को तत्काल निरीक्षण कर मरम्मत करवाने के निर्देश दिए। इसी क्रम में, वार्ड क्रमांक 6 उमदा के नागरिकों ने आवासीय क्षेत्र में संचालित क्रेशर (बॉल मिल) प्लांट से हो रहे प्रदूषण की शिकायत की। उन्होंने संयंत्र को औद्योगिक क्षेत्र में स्थानांतरित करने की मांग की। कलेक्टर ने छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल को इस मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

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