मनरेगा योजना और नाम में बदलाव के विरोध में सरगुजा जिला कांग्रेस कमेटी ने गांधी चौक पर धरना देकर प्रदर्शन किया। केंद्र सरकार ने मनरेगा योजना और इसके नाम में बदलाव को लेकर संसद में बिल पेश किया है। कांग्रेस ने कहा है कि, नए बिल के बाद रोजगार का अधिकार देने वाला यह कानून अप्रासंगिक हो जाएगा। मनरेगा के संशोधित नए बिल के अनुसार, एक ओर इसके कार्याे का निर्धारण केंद्र सरकार के पास रहेगा। वहीं इस योजना का आर्थिक भार राज्यों पर डालने से देश के 25 करोड़ मजदूरों के लिए रोजगार का यह अधिकार केंद्र सरकार के रहमोकरम पर निर्भर हो जाएगा। इस योजना का नाम परिवर्तित किया जा रहा है, जिसका कांग्रेसी विरोध कर रहे हैं। देश की गरीब जनता का हक छीनने की कोशिश- पाठक कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने कहा कि, विश्व बैंक ने मनरेगा को दुनिया का सर्वाधिक रोजगार देने वाला योजना घोषित किया था। 2008-09 की वैश्विक मंदी में इस योजना ने देश को आर्थिक संकट से बचाया। इस देश में गोडसे वादियों और गांधीवादियों के बीच संघर्ष चल रहा है। मनरेगा के नाम और योजना में बदलाव इसी दिशा में गोडसे वादियों का एक कदम है। कभी नोटबंदी, कभी एसआईआर, कभी मनरेगा में बदलाव हो रहा है। भाजपा इस देश के गरीब जनता को पिछले 11 साल से उलझाए हुए है। खटक रही है ग्रामीण रोजगार की योजना- अजय पूर्व अध्यक्ष अजय अग्रवाल ने कहा कि, ग्रामीण रोजगार के क्षेत्र में मनरेगा दुनिया की सबसे बड़ी योजना है। इतनी बड़ी योजना प्रधानमंत्री बनने के पहले से ही नरेंद्र मोदी को खटक रही थी, क्योंकि वे गरीब विरोधी और पूंजीपति समर्थक हैं। इस देश के प्रजातांत्रिक स्वरूप को समाप्त करने की भाजपा की साजिश का नतीजा है। मनरेगा की नई योजना वास्तव में इसको राम नाम सत्य करने की योजना है। गरीब विरोधी है सरकार पीसीसी महामंत्री द्वितेंद्र मिश्रा ने कहा कि, जिन महात्मा गांधी जी ने देश को आजाद कराने में, सामाजिक न्याय और सौहार्द्र स्थापना में अपना जीवन बलिदान कर दिया उनके नाम के साथ पूंजीवादी संघ की विचारधारा जो खिलवाड़ कर रही है। इससे पूरे देश मे आक्रोश की स्थिति है। पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता ने कहा कि, गरीब विरोधी यह सरकार मनरेगा के सिर्फ नाम ही नहीं बदल रही है, साथ ही वो इस योजना को अप्रासंगिक बना कर इससे पल्ला झाड़ने की तैयारी है। ये रहे उपस्थित इस प्रदर्शन में संजय विश्वकर्मा, लालचंद यादव, संजीव मंदिलवार, अनिल सिंह, सीमा सोनी, अनूप मेहता, जमील खान, नरेंद्र विश्वकर्मा, मो हसन, चंद्रप्रकाश सिंह, सोहन जायसवाल, अमित सिन्हा, संजय सिंह, जीवन यादव, विकास शर्मा, दिनेश शर्मा, दिलीप धर, प्रीति सिंह, गीता प्रजापति, गीता रजक, श्रीमती हमीदा, अनिता सिन्हा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।


