मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में महाशिवरात्रि पर विशेष आयोजन:प्राचीन मंदिरों में भव्य अनुष्ठान की तैयारी; अलग-अलग तीर्थों में लाखों श्रद्धालुओं जुटेंगे

मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में महाशिवरात्रि पर कई प्राचीन शिव मंदिरों में भव्य अनुष्ठान होंगे। जिले के अलग-अलग तीर्थों में विशेष आयोजन होंगे। लाखों श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना जताई जा रही है। बिहारपुर गांव के बैरागी से लगभग 12 किलोमीटर दूर, घनघोर जंगल में पहाड़ी के नीचे स्थित जटाशंकर गुफा एक अद्भुत प्राकृतिक स्थल है जहां शिवलिंग विराजमान है। यह गुफा शिव भक्तों के लिए गहरी आस्था का केंद्र है। जिससे यह स्थान और भी दिव्य प्रतीत होता है। घने जंगलों के बीच स्थित होने के कारण यहां का वातावरण अत्यंत शांत और ध्यान साधना के लिए उपयुक्त है। महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु आकर भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं और गुफा में ध्यान साधना करते हैं। अमृतधारा जलप्रपात पर लगता है मेला जिले की हसदेव नदी पर अमृतधारा जलप्रपात स्थित है। यह जलप्रपात लगभग 90 फीट ऊंचा और 15 फीट चौड़ा है। यहां की प्राकृतिक सुंदरता और शिव मंदिर की दिव्यता इस स्थान को विशेष बनाती है। महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां विशाल मेला लगता है और भक्तगण दूर-दूर से आकर जलाभिषेक कर भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने की प्रार्थना करते हैं। जलप्रपात के पास स्थित शिव मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की जाती है, जिससे यह स्थान आध्यात्मिकता से भर जाता है। सिद्ध बाबा पहाड़ पर बना है शिव मंदिर नेशनल हाईवे 43 से लगभग 1 किलोमीटर अंदर स्थित सिद्ध बाबा पहाड़ श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है। इस पहाड़ पर केदारनाथ की तर्ज पर एक भव्य शिव मंदिर बनाया जा रहा है, जो आने वाले समय में इस क्षेत्र का एक प्रमुख धार्मिक केंद्र बन सकता है। यहां शिवलिंग की स्थापना एक प्राचीन परंपरा के तहत की गई है और महाशिवरात्रि के दिन यहां हजारों श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। सिद्ध बाबा मंदिर एक सिद्ध स्थान माना जाता है, जहां शिवभक्त अपनी मनोकामनाएं लेकर आते हैं। भरतपुर क्षेत्र में धार्मिक विरासत के लिए जाना जाता है मंदिर सिद्ध बाबा का यह मंदिर प्राकृतिक सौंदर्य के बीच स्थित है और महाशिवरात्रि पर यहां विशेष पूजा और भंडारे का आयोजन किया जाता है। भरतपुर क्षेत्र भी अपनी धार्मिक विरासत के लिए जाना जाता है। यहां का शिव मंदिर शिव भक्तों के लिए आस्था का केंद्र है। घघरा गांव का ऐतिहासिक शिव मंदिर भरतपुर ब्लॉक मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर स्थित घघरा गांव का शिव मंदिर ऐतिहासिक और धार्मिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है। मान्यता है कि यहां पर भगवान राम ने अपने वनवास के दौरान इस शिवलिंग की स्थापना की थी। इस कारण यह स्थान रामायणकालीन महत्व रखता है। महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां विशेष पूजा-अर्चना की जाती है और दूर-दूर से श्रद्धालु यहां भगवान शिव का आशीर्वाद लेने पहुंचते हैं। इस दिन विशेष रूप से शिवलिंग का अभिषेक किया जाता है और मंदिर प्रांगण में भंडारे का आयोजन होता है। प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक कल्याणेश्वर महादेव मंदिर चिरमिरी स्थित कल्याणेश्वर महादेव मंदिर भगवान शिव के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक है। यह मंदिर ऊंचाई पर स्थित होने के कारण दूर से ही दिखाई देता है। महाशिवरात्रि के दिन यहां विशेष पूजा-अर्चना होती है और श्रद्धालु बड़ी संख्या में आकर भगवान शिव की आराधना करते हैं। चिरमिरी का जगरनाथ मंदिर भी धार्मिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है। यह मंदिर भगवान शिव और विष्णु दोनों की उपासना का केंद्र है। महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां शिवलिंग पर जलाभिषेक और विशेष आरती का आयोजन किया जाता है। लाखों श्रद्धालुओं के आने का अनुमान मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के प्रमुख शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की संख्या हजारों में आते है। जटाशंकर गुफा, अमृतधारा जलप्रपात, सिद्ध बाबा पहाड़, और अन्य मंदिरों में विशेष पूजा और जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में लोग एकत्रित होंगे। अनुमानित तौर पर इस दिन जिले भर के मंदिरों में लगभग लाखों श्रद्धालु भाग लेते हैं।

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