मनेंद्रगढ़ में अटल आवास की हालत जर्जर:घरों में घुस रहा सीवरेज का पानी, स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश के बाद ही नहीं हुआ रिपेयरिंग

मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में बने अटल आवास की हालत जर्जर हो चुकी है। सास 2006-07 में बने बिल्डिंग को महज 18 साल हो चुके हैं। हालात यह है कि सीवरेज का पानी भी घरों में आने लगा है। इसके बाद भी लोग सालों से जर्जर मकान में रहने को मजबूर हैं। मनेंद्रगढ़ विधायक और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल 15 अगस्त 2024 को अटल आवास का जायजा लेने पहुंचे थे। उन्होंने नगरपालिका और स्थानीय प्रशासन को जल्द से जल्द सुधार कार्य कराने का निर्देश दिया था। लेकिन अब तक अटल आवास में रिपेयरिंग का काम नहीं हो पाया है। स्वास्थ्य मंत्री का कहना है कि जिला और नगर पालिका प्रशासन ने अटल आवास का डीपीआर बना लिया है। इसमें जो भी प्रावधान होगा, रिपेयरिंग या नया निर्माण वह कराया जाएगा। 100 फ्लैट में 90 फ्लैट का ही हो सका निर्माण साल 2006-07 में 100 मकान बनने थे, लेकिन 90 मकान ही बने। 10 मकान आज भी अधूरा पड़ा है। गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार को आए दिन 10 रुपए के हिसाब से पच्चीस हजार रुपए जमा करने थे। उसके बाद शासन की ओर से अनुदान के बाद आवंटित व्यक्ति के नाम से मकान होना था। लेकिन अधिकतर इस मकान में लोग कब्जा करके रहने लगे और किसी ने नगर पालिका में किस्त जमा नहीं किया। जिसके कारण यह मकान किसी भी हितग्राही के नाम नहीं हो सका। अब आलम यह है कि जर्जर हो चुके अटल आवास में कभी भी हादसा हो सकता है। टॉयलेट के लिए खुले में जाती हैं महिलाएं अटल आवास में रहने वाली विमला देवी ने बताया कि अटल आवास काफी जर्जर हो गया है। सीवरेज का पाइप फूट चुका है। नालियों का स्लेप टूटा है। जिसके कारण सीवरेज का गंदा पानी घरों के कमरे में आता है। इसके कारण 3 साल से टॉयलेट के लिए बाहर जाना पड़ता है। जिस लेकर सभी जनप्रतिनिधियों को जानकारी दी है। लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई। शासन से स्वीकृति मिलने पर होगा निर्माण- CMO मनेंद्रगढ़ के मुख्य नगर पालिका अधिकारी इसहाक खान ने बताया कि डीपीआर तैयार कर दिसंबर 2024 में तकनीकी स्वीकृति के लिए शासन को भेजा गया है। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद अवैध रूप से रहने वाले लोगों से मकान खाली कराकर डिस्मेंटल कर फिर से निर्माण कराया जाएगा।

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