मप्र पुलिस का कोई भी दस्तावेज किसी भी वॉट्स एप या अन्य किसी विदेशी एप से अब जारी नहीं किया जाएगा। अब मप्र पुलिस गूगल ड्राइव की तरह आंतरिक क्लाउड सिस्टम बना रही है। इसका नाम पोलारिस है। इसके लिए अलग से कोई क्लाउड सिस्टम नहीं लिया है, बल्कि डायल 100 बंद होने के बाद उसके सेटअप काे इस्तेमाल किया जा रहा है। करीब 6 महीने पहले डीजीपी इस पर चर्चा कर चुके हैं और यह काम अब लगभग पूरा होने की कगार पर है। पुलिस का यह क्लाउड गूगल से तेज काम करेगा। इस पर मप्र पुलिस के सभी दस्तावेज, आदेश, सर्कुलर रखे जाएंगे। साथ ही मप्र पुलिस के 1 लाख से अधिक अफसर व कर्मचारियों का पूरा डाटा इसी पर रखा जाएगी। 55 एसपी ऑफिस व 986 थाने जुड़ेंगे काम से जुड़े अधिकारी बताते हैं कि अभी इससे मप्र के सभी 55 जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालयों, 200 से अधिक एसडीओपी ऑफिस, 150 से अधिक एसीपी और 986 थाने जोड़े जाएंगे। सभी रिकार्ड्स फिजिकल फाइलों के बजाय क्लाउड स्टोरेज के माध्यम से एक्सेस किए जाएंगे। इसके लिए मप्र पुलिस ने अपना एक डिजिटल रोडमैप’ तैयार किया है। वहीं नई जांच रिपोर्टों (केस डायरीज) को सीधे क्लाउड पर अपलोड करने की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए पुलिस थानों में मौजूद पुराने दस्तावेजों को चिन्हित किया जा रहा है और इसको स्कैन करके अपलोडिंग की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। केंद्रीय गृह मंत्रालय व 3 राज्य अपना चुके हैं


