मरणासन्न कथन के आधार पर आरोपी को आजीवन कारावास

मेहलुआ चौराहा | पीड़िता के मृत्युकालिक कथन (मरणासन्न कथन) को महत्वपूर्ण साक्ष्य मानते हुए न्यायालय ने आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश आनंद गौतम ने आरोपी रमेश अहिरवार को धारा 302 भा.दं.वि. के तहत दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और 10 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। एजीपी राघवेंद्र सिंह दांगी ने बताया कि 25 मार्च 2023 को अस्पताल कुरवाई से थाना कुरवाई को सूचना मिली थी कि ग्राम अखाई निवासी सुनीता अहिरवार पत्नी नर्मदा प्रसाद 80 प्रतिशत जली अवस्था में भर्ती है और केरोसिन की गंध आ रही है। पीड़िता होश में थी। तहसीलदार के माध्यम से नायब तहसीलदार पारूल चौधरी द्वारा उसका मरणासन्न कथन दर्ज किया गया। पीड़िता ने अपने कथन में बताया कि आरोपी रमेश अहिरवार ने स्कूल में रखे केरोसिन का तेल डालकर उसे आग लगा दी। इस आधार पर पहले धारा 307 के तहत अपराध दर्ज किया गया।

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