मरने के बाद भी तीन को जिंदगी दे गया किसान:जोधपुर एम्स में भर्ती थे, खाते-खाते बिगड़ी थी तबीयत; परिवार वालों ने लिवर, किडनी डोनेट किए

58 साल के अने सिंह भले ही दुनिया से चल चले गए। जाते-जाते तीन मरीजों को नई जिंदगी दे गए। खेती-किसानी करने वाले अने सिंह का इलाज जोधपुर के एम्स में चल रहा था। शनिवार सुबह उनकी मौत हो गई। परिवार वालों ने उनके ऑर्गन डोनेट करने का निर्णय लिया। अने सिंह की किडनी और लिवर अलग-अलग तीन मरीजों में ट्रांसप्लांट किया जाएगा। जोधपुर एम्स में भर्ती मरीज में किडनी ट्रांप्लांट कर दी गई है। लिवर भी यहीं भर्ती अन्य मरीज को लगाया जाएगा। एक किडनी जयपुर के सवाई मान सिंह (SMS) हॉस्पिटल भेजा गया है। इस तरह अकेले अने सिंह ने तीन मरीजों की जिंदगी बचाई है।
पाली के रहने वाले थे
अने सिंह पाली जिले जोजावर के गोलकी खोखरा गांव के रहने वाले थे। ये गांव जोधपुर से करीब 130 किमी दूर है। अने सिंह के बेटे पूरण सिंह ने बताया- 19 जनवरी की दोपहर एक बजे घर पर खाना खाते-खाते अचानक तबीय बिगड़ गई थी। पिता बेहोश गए थे। उन्हें फौरन जोजावर के सरकारी हॉस्पिटल लेकर आए। यहां से डॉक्टरों ने पाली के बांगड़ हॉस्पिटल रेफर कर दिया। डॉक्टरों ने उनकी सीटी स्कैन की। हालत गंभीर होने पर जोधपुर रेफर कर दिया। 19 जनवरी की ही शाम को एम्स हॉस्पिटल लेकर आए। बेटा बोला- पिता के कारण किसी और को जिंदगी मिलेगी
पूरण सिंह (अने सिंह का बेटा) ने बताया- परिवार ने विचार-विमर्श कर 30 जनवरी को ऑर्गन डोनेट करने को लेकर सहमति दी। आज सुबह उनके ऑर्गन डोनेट किए गए। इसके बाद दोपहर 11 बजे उनको बॉडी को एंबुलेंस से गांव लेकर आए। पूरण ने कहा कि पिता भले ही जिंदा नहीं हैं, लेकिन उनकी वजह से तीन लोगों को नई जिंदगी मिलेगी। अने सिंह के परिवार में पत्नी पताशी देवी (53), तीन बेटे और एक बेटी हैं। इनमें बेटी इंद्रा (29), बेटा रतन सिंह (25), पूरण सिंह (21) और प्रवीण सिंह (15) शामिल हैं। वेंटिलेटर के जरिए ऑक्सीजन शरीर के अंगों तक पहुंचाया जाता
डॉक्टर सादिक ने बताया कि ब्रेन शरीर के सभी अंगों को कंट्रोल करता है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण सांस लेने वाला फंक्शन है। सांस लेने वाला फंक्शन यदि चला जाता है तो वेंटिलेटर के जरिए ऑक्सीजन शरीर के अंगों तक आर्टिफिशियल तरीके से पहुंचाई जाती है। इससे अंगों को कुछ समय तक के लिए सुरक्षित रखा जा सकता है, ताकि उसे दूसरों के शरीर में ट्रांसप्लांट किया जा सके। —————-

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *