मरवाही में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के बीच प्रशासन ने अवैध धान व्यापार पर कार्रवाई की है। अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) देवेंद्र सिरमौर के नेतृत्व में टीम ने मध्यप्रदेश से लाया जा रहा अवैध धान जब्त किया। यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर राजस्व और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम द्वारा की गई। सीमावर्ती इलाकों में देर रात निगरानी के दौरान मध्यप्रदेश से आ रही एक पिकअप को रोकने का प्रयास किया गया। ड्राइवर वाहन लेकर भाग निकला, जिसके बाद टीम ने पीछा कर परासी क्षेत्र के पास सोन नदी तट पर वाहन को घेराबंदी कर पकड़ा। मध्यप्रदेश से छत्तीसगढ़ मंडियों में बेचने की थी तैयारी जांच में वाहन से बड़ी मात्रा में धान बरामद हुआ। ड्राइवर कोई वैध दस्तावेज नहीं दिखा सका। प्रशासन ने पूरे धान को जब्त कर पुलिस अभिरक्षा में मरवाही में सुरक्षित रखवाया है। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि यह धान मध्यप्रदेश से लाकर छत्तीसगढ़ की मंडियों में समर्थन मूल्य पर बेचने की तैयारी थी। एसडीएम देवेंद्र सिरमौर ने बताया कि शासन के निर्देश पर बाहरी राज्यों से अवैध धान की आवक पर पूर्ण प्रतिबंध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में किसी को भी रियायत नहीं दी जाएगी और सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी और कड़ी की जाएगी। बैरियर खुलने और बिचौलियों की सक्रियता पर उठे सवाल हालांकि, दार्मोहली गांव वाले रास्ते से मध्यप्रदेश के वेंकटनगर, कोतमा, जैतहरी, लपटा और केशवाही गांवों से रोजाना कई गाड़ियां आने की बात कही जा रही है। आरोप है कि इस मार्ग पर बैरियर अक्सर खुले रहते हैं और कोई कार्रवाई नहीं होती। दरमोहली गांव के बैरियर सहित खंता, पिपरिया, झिरना, निमधा, धनपुर, धोबहर, लरकेनी और मड़वाही के आसपास भी कई बिचौलिए सक्रिय बताए जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर एक अधिकारी का धान बिचौलियों के साथ बीच सड़क पर बातचीत करते हुए एक वीडियो भी चर्चा का विषय बना हुआ है। इस पर लोग सवाल उठा रहे हैं कि अधिकारी इन बिचौलियों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे हैं।


