30 मरीज रोजाना कराते हैं सीटी स्कैन और एमआरआई
सदर अस्पताल में जून के पहले सप्ताह से सीटी स्कैन व एमआरआई जांच शुरू हो जाएगी। सीटी स्कैन की मशीन मंगलवार देर रात सदर अस्पताल पहुंच गई है। यह मशीन 128 स्लाइस की है। इस एडवांस मशीन से बेहतर परिणाम के साथ सीटी स्कैन जांच की जा सकती है। सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने बताया कि मशीन इंस्टॉलेशन के लिए सिविल वर्क पूरा कर लिया गया है। बिजली कनेक्शन और मशीन इंस्टॉलेशन का काम बाकी है। एक हफ्ते में कंपनी के इंजीनियर मशीन इंस्टॉल करेंगे और 1 जून के बाद से जांच शुरू की जाएगी। सीटी स्कैन मशीन की डिलीवरी के बाद गुरुवार को एमआरआई मशीन भी सदर अस्पताल पहुंच जाएगी। अस्पताल पहुंचने के बाद 10 से 12 दिनों के भीतर इसे भी इंस्टॉल कर लिया जाएगा जिसके बाद मरीजों की जांच शुरू हो सकेगी। इधर, सदर अस्पताल में अब दोपहर 3 से शाम 7 बजे तक ओपीडी, इवनिंग ओटी भी होगी शुरू रांची| सदर अस्पताल में अब दूसरी पाली में भी ओपीडी का संचालन किया जाएगा। पहली पाली में सुबह 9 से दोपहर 3 बजे तक डॉक्टर ओपीडी में मरीज देखेंगे, जबकि दूसरी पाली में अलग डॉक्टरों की टीम दोपहर 3 से शाम 7 बजे तक मरीजों का इलाज करेंगे। सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने बताया कि मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण अभी डॉक्टर मरीज को समय नही दे पा रहे हैं। इसीलिए दूसरी पाली में भी ओपीडी संचालन का निर्णय लिया गया है। डीसी मंजूनाथ भजंत्री से भी इसकी सहमति ले ली गई है। सिविल सर्जन ने बताया कि इवनिंग ओटी चलाने का भी निर्णय लिया गया है। इसके लिए अलग डॉक्टर, ओटी टेक्नीशियन समेत अन्य स्टाफ की नियुक्ति अलग से की जाएगी। इवनिंग ओटी में ऑर्थोपेडिक, सर्जरी समेत सभी तरह की सर्जरी की सुविधा होगी। दूसरी पाली ओपीडी के लिए अलग से नियुक्त होंगे चिकित्सक: सिविल सर्जन के अनुसार जो डॉक्टर दिन के ओपीडी में सेवा देंगे, वे दूसरी पाली के ओपीडी में नहीं होंगे। दूसरी पाली की ओपीडी के लिए अलग से विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति की जाएगी। यह नियुक्ति केस आधारित होगी। यानी चिकित्सक को प्रति मरीज के हिसाब से भुगतान किया जाएगा। स्पेशियलिस्ट चिकित्सक को प्रति मरीज 300 और सुपर स्पेशियलिस्ट चिकित्सकों को 500 रुपये के हिसाब से पेमेंट किया जाएगा। हर दिन के लिए अलग-अलग ओपीडी रोस्टर होगा। 1500 में सीटी, 2000 में एमआरआई सदर अस्पताल में जांच दर सरकारी होगी। गैर आयुष्मान रोगियों का सीटी स्कैन 1500 से 2500 रुपए तक में हो सकेगा, जबकि एमआरआई जांच के लिए 2000 से 5000 तक खर्च करना होगा। आयुष्मान योजना के लाभार्थी, राशन कार्ड धारक, पुलिस केस आदि मामलों में जांच पूरी तरह निशुल्क होगी। एजेंसी ने मैनपावर किया नियुक्त सदर अस्पताल में रेडियोलॉजी सेंटर संचालन का जिम्मा कृष्णा डायग्नोस्टिक को दिया गया है। एजेंसी ने वर्क ऑर्डर मिलने के बाद रेडियोलॉजिस्ट से लेकर स्टाफ समेत अन्य मैनपावर की नियुक्ति भी कर ली है। मशीन इंस्टॉल होते ही मरीजों को लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। सदर अस्पताल में 10 से ज्यादा सुपरस्पेशियलिटी विभागों का संचालन शुरू हो गया है। इन विभागों में न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी से लेकर गैस्ट्रो, नेफ्रो, यूरोलॉजी, पीडियाट्रिक सर्जरी समेत अन्य विभाग शामिल हैं। ऐसे में बीमारी का पता लगाने के लिए हर दिन 30 से ज्यादा मरीजों को डॉक्टर सीटी व एमआरआई जांच कराने की सलाह देते हैं। लेकिन सदर अस्पताल में जांच नही होने के कारण रिम्स स्थित हेल्थ मैप जाना पड़ता है। गंभीर मरीजों की स्थिति इससे और ज्यादा बिगड़ती है। सदर अस्पताल में यह जांच शुरू होने से मरीजों को राहत मिलेगी।


