सतना में शनिवार को 108 एम्बुलेंस में मरीज के परिजन से गंदगी साफ कराने के मामले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. मनोज शुक्ला ने एम्बुलेंस का संचालन करने वाली एजेंसी ‘जय अम्बे इमरजेंसी सर्विसेस (जयेस)’ के डिस्ट्रिक्ट को-ऑर्डिनेटर से जवाब तलब किया है। खबर प्रकाशित होने के बाद एजेंसी ने एम्बुलेंस के पायलट मनोज पटेल की ड्यूटी होल्ड पर रख दी है। पायलट ने इस संबंध में एजेंसी को अपनी लिखित सफाई भी दी है। मामला मैहर जिले के रामनगर स्थित बाबूपुर गांव के पास हुए एक सड़क हादसे से जुड़ा है। हादसे में घायल कमलेश रावत को एम्बुलेंस क्रमांक सीजी 04 एनएस 2488 से पहले रामनगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया था। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल सतना रेफर किया गया। घायल को उसी एम्बुलेंस से सतना लाया जा रहा था। सतना आते समय कमलेश रावत को उल्टियां होने लगीं, जिसके छींटे वाहन की बॉडी पर पड़ गए। इसी गंदगी को घायल की पत्नी मंजू रावत ने पानी से धोया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस मामले में एम्बुलेंस के पायलट मनोज पटेल ने अपनी सफाई देते हुए कहा कि अस्पताल पहुंचने के बाद वह मरीज को वार्ड में भर्ती कराने चला गया था। उसे इस बात की जानकारी नहीं है कि गाड़ी धोने के लिए किसने कहा। एम्बुलेंस की मेडिकल टेक्नीशियन (एमटी) शिवानी कुशवाहा ओपीडी में मरीज की पर्ची बनवाने में व्यस्त थीं। पायलट के अनुसार, मरीज के परिजन ने अपनी मर्जी से गंदगी साफ की थी।


