मरीज हो रहे परेशान:जिला अस्पताल की 3 में से 2 लिफ्ट तीन साल से बंद एक कार्मिक नहीं होने से शुरू ही नहीं

जिला अस्पताल की तीन में से दो लिफ्ट लंबे समय से खराब है तो एक कार्मिक नहीं होने से लगभग बंद ही रखी जाती है। जिला अस्पताल की न्यू टीचिंग बिल्डिंग के थर्ड फ्लोर पर 5.39 करोड़ रुपए की लागत से बने प्री-फेब्रिकेटेड वार्ड में सर्जरी के 30-30 बेड के दो वार्ड दो साल पहले तथा 30 बेड का मेल मेडिसिन वार्ड एक साल पहले शुरू किया था, ग्राउंड फ्लोर से वार्ड तक पहुंचने के लिए लिफ्ट लगाई थी लेकिन आज तक उसका संचालन नहीं हुआ। वहीं एमसीएच विंग में लगी दो में से एक लिफ्ट ठीक लेकिन दूसरी खराब है। प्री-फेब्रिकेटेड वार्ड में सर्जरी के दो व मेडिसिन का एक वार्ड संचालित अस्पताल प्रशासन की ओर से प्री-फेब्रिकेटेड वार्ड में दो साल पहले सर्जरी विभाग के 30-30 बेड के मेल व फीमेल वार्ड शुरू किए थे। एक साल पहले मेल मेडिसिन वार्ड डी को भी शुरू किया गया। 90 बेड मरीजों से ओवरलोड रहने के बाद भी तीसरी मंजिल तक पहुंचने के लिए मरीजों को रेम्प से जाना पड़ रहा है। ऑपरेशन से ऑपरेशन के लिए स्ट्रेचर पर पुरानी बिल्डिंग के मॉड्यूलर ओटी तक पहुंचाना पड़ता है। ऑपरेशन के बाद वार्ड में शिफ्ट करने में परिजनों को दिक्कतें हो रही हैं। अपरमेया इंजीनियरिंग लिमिटेड को प्री-फेब्रिकेटेड वार्ड और लिफ्ट लगाने का वर्क ऑर्डर दिया गया था। अधूरे वार्ड को अस्पताल प्रशासन ने हैंडओवर कर लिया, लेकिन घटिया क्वालिटी के कारण लिफ्ट अब तक नहीं ली गई। गंभीर शिशु रोगियों को भी सीढ़ियों से वार्ड तक पहुंचाना पड़ रहा है। फर्म ने लगाई घटिया क्वालिटी की लिफ्ट जो अब तक शुरू ही नहीं हुई प्री-फेब्रिकेटेड वार्ड बनाने के साथ संबंधित अपरमेया इंजीनियरिंग लिमिटेड फर्म को लिफ्ट की व्यवस्था भी करनी थी। अस्पताल प्रशासन ने कई कमियों व लिफ्ट के तैयार नहीं होने से पहले ही वार्ड हैंडओवर कर लिया था लेकिन लिफ्ट को हैंडओवर नहीं किया। संबंधित फर्म की ओर से लिफ्ट तो लगाई गई लेकिन घटिया क्वालिटी की होने से शुरू ही नहीं हुई। गंभीर मरीजों को वार्ड तक ले जाना मुश्किल हो रहा है। “एमसीएच विंग की एक लिफ्ट चालू है। दूसरी जल्द शुरू करवाई जाएगी। न्यू टीचिंग बिल्डिंग की लिफ्ट की क्वालिटी सही नहीं होने से हैंडओवर नहीं की गई।” -डॉ. हनुमानराम चौधरी, अधीक्षक जिला अस्पताल

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *