मर्ज होने के बाद भी जिले की शिक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं, दर्जनों विद्यालयों में है सिर्फ एक शिक्षक

जिले के स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ने के साथ शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाने को लेकर पूर्ववर्ती सरकार द्वारा कई विद्यालयों को मर्ज किया गया था। इसी कड़ी में कोडरमा जिले के लगभग 60 विद्यालयों को निकटवर्ती विद्यालयों में मर्ज किया गया था। विद्यालयों के मर्ज किए जाने के बाद लाखों की लागत से बने विद्यालय भवन बेकार पड़े हुए है। कुछ भवन खंडहर में तब्दील हो रहे हैं। मर्ज हुए विद्यालयों में कहीं-कहीं तो लोग अतिक्रमण कर अपना आशियाना बना चुके हैं, तो कई भवन गौशाला बना हुआ है। ऐसी स्थिति में सरकार द्वारा बनाए गए भवन अब धीरे-धीरे ध्वस्त होने के कगार पर हैं। वहीं कई स्थानों पर शरारती तत्वों और जुआ अड्डा बना हुआ है। तो कुछ भवनों मे पुवाल रखे रखे खंडर बन रहे है। जिले मे वर्ष 2017-18 मे लगभग 60 नव प्राथमिक विद्यालयों को मध्य विद्यालय नजदीक होने के कारण मर्ज कर दिया गया था। बता दे की प्रखंड के ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य उपकेंद्र, आंगनबाड़ी समेत कई सरकारी विभाग के संचालन के लिए भवन नहीं है। वही दूसरी ओर प्रखंड में मर्ज हुए विद्यालय भवन खंडहर में तब्दील होते जा रहे है।न तो इसकी परवाह शिक्षा विभाग को है और न ही पंचायत के प्रतिनिधियों को। इसका नतीजा है कि प्रखंड में लाखों खर्च कर बने स्कूल भवन बेकार पड़े पड़े जर्जर होते जा रहे हैं।

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