कांकेर जिले का प्रसिद्ध मलांजकुडुम जलप्रपात मानसून में बारिश के साथ अपनी खूबसूरती के चरम पर पहुंच गया है। झरने का पानी और आसपास की हरी-भरी वादियां पर्यटकों के लिए मनमोहक दृश्य पेश कर रही है। जलप्रपात अपने शांत वातावरण के लिए मशहूर है। बारिश के मौसम में ऊंची पहाड़ियों से गिरता दूधिया पानी और घने जंगल का नजारा दर्शनीय हो जाता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस दौरान तीन धाराओं में बंटा झरना पूरी ताकत से गिरता है। झरने की गर्जना, पक्षियों का कलरव और मिट्टी की सोंधी खुशबू यहां का माहौल और भी खास बना देती है। पूर्व सरपंच दीपक नेताम ने बताया कि जलप्रपात देखने देश-विदेश से पर्यटक आते हैं। वे यहां पिकनिक मनाते हैं और छुट्टियों का आनंद लेते हैं। स्थानीय लोग पर्यटकों से स्वच्छता बनाए रखने की अपील कर रहे हैं। वन प्रबंधन समिति के अध्यक्ष के मुताबिक, पहले यहां कोई सुविधा नहीं थी। अब शौचालय का निर्माण हुआ है। सड़क आधी दूरी तक पहुंच गई है। स्थानीय युवा टिकट काउंटर के जरिए रोजगार कमा रहे हैं। वे पर्यटकों को सुरक्षा संबंधी जानकारी भी देते हैं। सुविधा मुहैया कराने बना रहे योजना जिला पंचायत सीईओ हरेश मंडावी ने बताया कि सैलानियों को सुविधा मुहैया कराना हमारा प्रमुख उद्देश्य है ताकि पर्यटकों की संख्या बढ़ सके और ग्रामीणों को मुनाफा हो सके। गांव में वन प्रबंधन समिति का गठन किया गया है, जिससे युवाओं को रोजगार मिल सके और सैलानियों की समस्याओं का हल कर सके।


