महंत नृत्यगोपाल दास लखनऊ के मेदांता हॉस्पिटल में भर्ती:राममंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष की तबीयत बिगड़ी थी, 36 घंटे से कुछ भी नहीं खाया

अयोध्या में श्रीरामजन्मभूमि ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास की तबीयत बिगड़ गई है। उन्हें लखनऊ के मेदांता अस्पताल के आईसीयू में भर्ती किया गया है। डॉक्टरों ने उनके कुछ टेस्ट कराएं हैं। जिसकी रिपोर्ट आने के बाद उसी के हिसाब इलाज शुरू किया जाएगा। 87 साल के नृत्य गोपाल दास को सोमवार रात से उल्टी-दस्त हो रहे थे। बुधवार सुबह श्रीराम अस्पताल के रिटायर्ड डॉक्टर एसके पाठक ने उनका चेकअप किया था। फिर उन्हें मेदांता रेफर कर दिया था। जानकारी के मुताबिक, महंत ने पिछले 36 घंटे से कुछ भी नहीं खाया है। श्रीराम हॉस्पिटल के प्रशासनिक अधिकारी वाईपी सिंह ने बताया- महंत नृत्य गोपाल दास की तबीयत खराब होने की सूचना मिली थी। डॉक्टर्स की टीम ने उनकी जांच की। इसके बाद मेडिकल टीम और एक एम्बुलेंस के साथ उन्हें मेदांता अस्पताल रवाना कर दिया गया। उनके उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास भी उनके साथ है। अब वहां से मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही आगे कोई जानकारी दी जा सकती है। इमरजेंसी से आईसीयू में शिफ्ट किए जाएंगे डॉ. राकेश कपूर ने बताया- महंत जी को तीन दिन से लूज मोशन हो रहे थे। वो ठीक से खा-पी नहीं रहे थे। और थोड़ा सा उनका कॉन्सियसनेस भी उनकी वीक हो रही थी। तो इन परेशानियों की वजह से वो आज मेदांता में इमरजेंसी में भर्ती हुए हैं। अभी जांच की प्रक्रिया चल रही है। गेस्ट्रो केयर, इंटेन्सिव केयर, न्यूरोलॉजिस्ट डॉक्टरों की निगरानी में हैं। उनके पेशाब की नली लगी हुई है। जांच करने के बाद उचित इलाज दिया जाएगा। वो उम्रदराज है। कभी उनको यूरिन इन्फेक्शन, लंग इन्फेक्शन हुआ था पहले। कभी-कभी वो खाना ही नहीं खाते हैं, तो इसकी वजह से दिक्कत हो जाती है। अभी वो इमरजेंसी में है। लेकिन हम उन्हें आईसीयू में रखेंगे। तभी अच्छी मॉनिटरिंग हो सके। बता दें कि नृत्य गोपाल दास श्रीकृष्ण जन्मभूमि न्यास के भी अध्यक्ष हैं। देश-विदेश में उनके लाखों शिष्य हैं। CM योगी जब कभी अयोध्या आते हैं तो वह महंत नृत्य गोपाल दास का हाल-चाल जानने और उनका आशीर्वाद लेने मणिरामदास जी की छावनी जरूर पहुंचते हैं। राम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष को हुआ था कोरोना पांच साल पहले कोरोना काल में महंत को मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के दौरान कोरोना हुआ था। इसके बाद से उनके स्वास्थ्य में लगातार चढ़ाव-उतार चल रहा है। उन्हें पहले भी कई बार लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती किया जा चुका है। साल 2020 और सितंबर 2024 में भी उन्हें मेदांता लखनऊ में भर्ती कराया गया था। प्रेमानंद महाराज ने पांव पखारे थे इससे पहले 27 नवंबर 2025 को मथुरा-वृंदावन से प्रेमानंद महाराज के श्रीराधा केली कुंज आश्रम में महंत नृत्य गोपाल दास पहुंचे थे। इस दौरान संत प्रेमानंद महाराज ने उनका भाव-विभोर होकर स्वागत किया था। खुद प्रेमानंद महाराज ने उनका भव्य स्वागत किया था। अगवानी के दौरान प्रेमानंद महाराज ने महंत नृत्यगोपाल दास के कदमों में दंडवत प्रणाम किया था। इसके बाद उन्होंने महंत को अपने आसन पर बैठाया। प्रेमानंद महाराज ने जमीन पर बैठकर उनके पांव पखारे, माला पहनाया और आरती उतारी। संत-श्रद्धालु लगातार राधा नाम का कीर्तन कर रहे थे। तभी महंत नृत्य गोपाल दास ने कहा था- भगवान राम के बिना कोई काम नहीं हो सकता है। भगवान की कृपा के बिना कोई काम होता नहीं है। इसलिए, हमें भगवान की कृपा पर निर्भर रहना चाहिए। भगवान के नाम के बिना संसार का कोई कार्य नहीं हो सकता है। इसलिए भगवान का नाम लेना चाहिए। महंत नृत्य गोपाल दास के बारे में ———————— पढ़ें ये भी जरूरी खबर… अविमुक्तेश्वरानंद की प्रशासन को चेतावनी- नोटिस वापस लो:पूछा था- खुद को शंकराचार्य कैसे घोषित किया? द्वारका पीठ के शंकराचार्य बोले- शासन अहंकार में प्रयागराज में मौनी अमावस्या पर स्नान को लेकर प्रशासन और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बीच शुरू हुआ विवाद अब शंकराचार्य की पदवी तक पहुंच गया है। अविमुक्तेश्वरानंद ने 24 घंटे में मेला प्रशासन को 8 पेजों का जवाब ई-मेल के जरिए भेजा है। नोटिस को मनमाना, दुर्भावनापूर्ण और असंवैधानिक बताया। अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने ऐसा कोई आदेश नहीं दिया है, जिससे अविमुक्तेश्वरानंद को शंकराचार्य पद पर बने रहने से रोका गया हो। मामला कोर्ट में विचाराधीन है, इसलिए किसी भी तीसरे पक्ष को टिप्पणी करने या रोक लगाने का अधिकार नहीं है। पढ़ें पूरी खबर…

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