बुरहानपुर में सोमवार को परमानंद गोविंदजीवाला ऑडिटोरियम में गीता जयंती पर श्रीमद् भागवत गीता के 15वें अध्याय का पाठ किया गया। पाठ के बाद गीता जी की आरती भी की गई। इस मौके पर कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं। राम झरोखा मंदिर के प्रमुख महंत स्वामी नर्मदा नंदगिरी महाराज ने कहा कि आज बहुत खुशी का दिन है, हम सब गीता जयंती महोत्सव मना रहे हैं। उन्होंने सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा कि शासन धर्म, संस्कृति और जनकल्याण के लिए लगातार अच्छे काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि गीता का मुख्य उद्देश्य मनुष्य के जीवन को सार्थक और बेहतर बनाना है। इस अवसर पर पंडित आदित्य शर्मा ने भी गीता के महात्म्य के बारे में अपनी बात रखी। महापौर ने किया जीवन में गीता उतारने के लिए प्रेरित महापौर माधुरी पटेल ने गीता का महत्व समझाया और उसके उपदेशों को अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन बच्चों को हमारी संस्कृति से जोड़ने और समाज के उज्जवल भविष्य के निर्माण का एक माध्यम है। अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के इस कार्यक्रम में स्कूली बच्चों ने गीता के उपदेशों और भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं। कार्यक्रम में आए लोगों को सरकार की तरफ से ‘पुरुषोत्तम योग’, ‘श्रीमद्भगवद् गीता’ और ‘योगेश्वर श्रीकृष्ण का उपदेशामृत’ वितरित किए गए। बच्चों ने गणेश वंदना की इससे पहले कार्यक्रम की शुरुआत दीप जलाकर, फूलों से पूजन करके की गई। मूक-बधिर विद्यालय के बच्चों ने अपनी आकर्षक गणेश वंदना से सबका मन मोह लिया। संत-महात्माओं का विशेष सम्मान किया गया। श्रीराम गुरूकुल खड़कोद के छोटे आचार्य (बालाचार्य), जिन्हें श्रीमद्भगवद् गीता का 15वां अध्याय कंठस्थ याद है, उन्होंने सभी का ध्यान खींचा। ये लोग रहे उपस्थित कलेक्टर हर्ष सिंह और पुलिस अधीक्षक देवेंद्र कुमार पाटीदार सहित तमाम विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि, साधु-संत और आम नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद रहे। इसके अलावा, छत्रपति शिवाजी महाराज शासकीय महाविद्यालय बुरहानपुर में भी “अंतर्राष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव” के तहत एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।


