महतारी वंदन के पैसों से बन रहा राम मंदिर:सारंगढ़ में जो अयोध्या नहीं जा पाए वो करेंगे दर्शन;बजट में मंत्री OP ने किया जिक्र

सारंगढ़ जिले के ग्राम दानसरा में महिलाएं अपने महतारी वंदन योजना के पैसे से श्री राम मंदिर का निर्माण करवा रही है। महिलाओं का कहना है कि जो लोग अयोध्या नहीं जा सकते इस मंदिर में उन्हें भगवान राम के दर्शन का अवसर मिलेगा। छत्तीसगढ़ शासन के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने सोमवार को साय सरकार की दूसरी बजट पेश करने के दौरान इन महिलाओं का उदाहरण दिया। ओपी चौधरी ने कहा कि पिछले वित्तीय वर्ष में महतारी वंदन योजना के लिए 3 हजार करोड़ का प्रावधान रखा था इस साल इसे बढ़ाकर 5 हजार 5 सौ करोड़ कर दिया गया है। इस तरह का उदाहरण असीम ऊर्जा – मंत्री चौधरी वित्त मंत्री ने आगे कहा कि महतारी वंदन योजना में हमारे छत्तीसगढ़ के माता और वाहनों को आत्मसम्मान और स्वाभिमान दिया है, लाखों बहने आर्थिक रूप से अपने पैरो में खड़ी हुई है, सबसे बड़ी बात बहनों का परिवार के बीच भी सम्मान बढ़ा है। सारंगढ़ के दानसरा गांव का उदाहरण देते हुए वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा की यहां बहने महतारी वंदन योजना के पैसे का श्री राम मंदिर का निर्माण कर रही है। इस तरह के उदाहरण हमे असीम ऊर्जा से भर देता है। मंदिर निर्माण के लिए 1 लाख देने की घोषणा हाल ही में हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान एक चुनावी सभा कार्यक्रम में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने इन महिलाओं का उत्साह बढ़ाने के लिए 1 लाख रुपए अपने स्वयं के फंड से देने की घोषणा भी की थी। ताकि श्री राम मंदिर निर्माण में किसी भी प्रकार की महिलाओं को परेशानियों का सामना न करना पड़े। राम मंदिर निर्माण की कहानी पढ़िए दानसरा की महिलाएं महतारी वंदन योजना की राशि का उपयोग कर राम मंदिर का निर्माण करवा रही हैं। 31 लाख रुपए की लागत से बन रहे इस मंदिर का उद्देश्य उन लोगों को भगवान श्री राम के दर्शन का अवसर देना है, जो अयोध्या नहीं जा सकते। महिलाओं ने हनुमान जयंती पर लिया संकल्प हनुमान जयंती के अवसर पर जब गांव की महिलाएं भंडारे की तैयारी में व्यस्त थीं, तब उन्होंने आपसी बातचीत में यह निर्णय लिया कि हनुमान जी के मंदिर के साथ-साथ श्री राम लला का भी एक मंदिर बनना चाहिए। चर्चा के दौरान यह तय हुआ कि सभी महिलाएं अपनी महतारी वंदन योजना की राशि से इस नेक काम में योगदान देंगी। अयोध्या जाने में असमर्थ लोगों के लिए मंदिर का निर्माण महिलाओं ने बताया कि इस मंदिर का उद्देश्य उन भक्तों को भगवान श्री राम के दर्शन का अवसर देना है, जो अयोध्या नहीं जा सकते। इस विचार को साकार करने के लिए गांव की महिलाओं ने आपस में मिलकर योजना बनाई और मंदिर निर्माण के लिए धनराशि एकत्रित करना शुरू किया। ओडिशा के कारीगर बना रहे मंदिर मंदिर का निर्माण कार्य ओडिशा के कुशल कारीगर कर रहे हैं। वर्तमान में मंदिर का डोर लेंटर तक का काम पूरा हो चुका है। अब तक मंदिर निर्माण पर 10 लाख रुपए खर्च हो चुके हैं, जिसमें 6 लाख रुपए का काम महिलाओं ने पूरा कर लिया है, जबकि 4 लाख रुपए का कर्ज बाकी है। राम नवमी तक मंदिर निर्माण का लक्ष्य महिलाओं ने राम नवमी तक मंदिर का निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा है। महिलाओं ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री से भी अपील की है कि वे इस कार्य में आर्थिक सहयोग प्रदान करें और मंदिर उद्घाटन के लिए स्वयं पधारें।

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