भास्कर न्यूज | अमृतसर बीबीके डीएवी कॉलेज फॉर वुमेन में महर्षि दयानंद सरस्वती की 201वीं जयंती पर महर्षि दयानंद सरस्वती जी की विचारधारा पर 2 दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन हुआ। समापन समारोह में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के संयुक्त सचिव डॉ. जीएस चौहान मुख्य अतिथि रहे। आर्य प्रादेशिक उपसभा पंजाब के अध्यक्ष और डीएवी कॉलेज प्रबंध समिति, नई दिल्ली के मानद कोषाध्यक्ष जेपी शूर विशिष्ट अतिथि रहे। हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के चांसलर प्रो. हरमोहिंदर सिंह बेदी ने समापन सत्र की अध्यक्षता की। कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. पुष्पिंदर वालिया ने सभी अतिथियों और वक्ताओं का आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह संगोष्ठी महर्षि जी के मूल्यों और उनके प्रगतिशील विचारों को श्रद्धांजलि है। डॉ. शूर ने कहा कि स्वामी दयानंद का दर्शन न्याय, सामाजिक सुधार और कमजोर वर्गों के उत्थान से जुड़ा है। डॉ. चौहान ने कहा कि वेद अच्छे कर्मों और सद्गुणों से जीवन जीने की शिक्षा देते हैं। उन्होंने कहा कि स्वामी जी की शिक्षाएं आज भी भारतीय शिक्षा प्रणाली और नैतिक विकास को दिशा देती हैं। समापन से पहले दो तकनीकी सत्र हुए। तीसरे सत्र की अध्यक्षता गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के भाषा संकाय के डीन और हिंदी विभाग प्रमुख प्रो. डॉ. सुनील ने की। इस सत्र में गुरु विरजानंद गुरुकुल, करतारपुर के प्रिंसिपल डॉ. उदयन आर्य स्त्रोत वक्ता रहे।


