महवा को जिला बनाने की मांग:विधायक राजेन्द्र ने विधानसभा में उठाया मुद्दा, बोले- अलवर, करौली और दौसा की तहसीलों को करें शामिल

महवा विधायक राजेंद्र मीना ने बुधवार को विधानसभा की प्रकिया एवं कार्य संचालन के नियम 295 के अंतर्गत दौसा जिले की महवा तहसील को नवीन जिला बनाने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि महवा तहसील दौसा जिले के अंतिम छोर पर बॉर्डर पर है। यहां के अंतिम गांव की दूरी भी दौसा से करीब 130 किलोमीटर है। महवा तहसील के गांव अलवर, भरतपुर, करौली जिले की सीमाओं से सटे हुए हैं। साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग पर जयपुर-आगरा के बीच स्थित है। उन्होंने कहा कि अलवर, राजगढ़, करौली, डीग, कामा, खेड़ली, कठूमर, भरतपुर, जयपुर, वैर, भुसावर, नदबई, हलैना, रैणी, गढ़ी सवाईराम, बयाना, हिंडौन, टोडाभीम, महावीरजी, गोवर्धन धाम आदि की तरफ जाने वाले रास्ते महवा होकर ही गुजरते हैं। विधायक ने कहा कि देशभर में प्रसिद्ध मेहंदीपुर बालाजी मंदिर की दूरी लगभग 18 किलोमीटर है। साथ ही प्रसिद्ध मंदिर किले वाली देवी और बड़ा महादेव का मंदिर, मंडावर में रेलवे स्टेशन, दो कृषि उपज मंडी, तीन पंचायत समिति, दो उपखण्ड, एक सीओ सर्किल कार्यालय स्थित है और चार पुलिस थाने व आधा दर्जन पुलिस चौकी स्थापित हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सा के क्षेत्र में जिला अस्पताल समेत 6 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, दो दर्जन 33/11 केवी जीएसएस, 120 केवी और 220 केवी जीएसएस संचालित हैं। मंडावर व महवा में नगरपालिका क्षेत्र हैं। ऐसे में खेड़ली, कठूमर, भुसावर, वैर, टोड़ाभीम आदि तहसीलों शामिल कर राजस्व मंत्री से मांग है कि महवा को नवीन जिला बनाया जाए। जिससे लोगों के बेहतर सुविधाएं उपलब्ध मिल सकें।

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