महाकुंभ भगदड़ पर सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट का इनकार:कहा- घटना दुर्भाग्यपूर्ण, हाईकोर्ट जाएं; याचिका में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए गाइडलाइन्स की मांग

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को प्रयागराज महाकुंभ में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए गाइडलाइन्स जारी करने की मांग वाली जनहित याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को इलाहाबाद हाईकोर्ट जाने का निर्देश दिया। कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार की इस दलील पर संज्ञान लिया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका पहले ही दायर की जा चुकी है। सुप्रीम कोर्ट ने 29 नवंबर को कुंभ में भगदड़ की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। साथ ही याचिकाकर्ता को हाईकोर्ट जाने को कहा। दरअसल, कुंभ में भगदड़ को लेकर सुप्रीम कोर्ट के वकील विशाल तिवारी ने जनहित याचिका दाखिल की थी। इसमें देशभर में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए दिशा-निर्देश देने और नियमों का पालन कराने की मांग की गई थी। मौनी अमावस्या पर 28/29 जनवरी की रात करीब डेढ़ बजे संगम नोज पर भगदड़ मच गई थी। भीड़ ने लोगों को कुचल दिया था। सरकार के मुताबिक, 30 लोगों की मौत हुई और 60 घायल हो गए थे। याचिका में सुप्रीम कोर्ट से ये मांग की थी संगम तट पर रात डेढ़ बजे मची थी भगदड़
महाकुंभ में 28 जनवरी की देर रात करीब 1:30 बजे संगम नोज इलाके में भगदड़ हुई। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 30 लोगों की मौत हुई है और 60 लोग घायल हैं। महाकुंभ नगर के पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) वैभव कृष्ण ने बताया कि प्रयागराज महाकुंभ में मौनी अमावस्या पर मुख्य स्नान था। ब्रह्म मुहूर्त से पहले, देर रात एक से दो बजे के बीच, मेला क्षेत्र के अखाड़ा मार्ग पर भारी भीड़ जमा हो गई। भीड़ के दबाव के कारण दूसरी ओर के बैरिकेड्स टूट गए। बैरिकेड्स तोड़कर दूसरी ओर पहुंचे लोगों ने ब्रह्म मुहूर्त के स्नान का इंतजार कर रहे श्रद्धालुओं को कुचलना शुरू कर दिया। उन्होंने बताया कि इसके बाद मेला प्रशासन ने तुरंत एक मार्ग बनाकर एम्बुलेंस की मदद से 90 लोगों को अस्पताल पहुंचाया, जिनमें से 30 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। भगदड़ में साजिश की आशंका
भगदड़ में साजिश की आशंका जताई जा रही है। दैनिक भास्कर को सूत्रों से जानकारी मिली है कि यूपी STF और महाकुंभ मेला की पुलिस इस घटना की साजिश के एंगल से जांच कर रही है। सूत्रों के अनुसार, घटना के समय मौजूद 2 लोगों ने बताया कि भगवा झंडा लेकर कुछ लोग अचानक भीड़ में घुस आए थे। जिनकी वजह से भगदड़ की शुरुआत हुई। इन दावों की पुष्टि के लिए CCTV फुटेज की जांच की जा रही है। STF को उस समय एक्टिव कुछ मोबाइल फोन लगातार बंद मिल रहे हैं। इससे भी साजिश की आशंका को बल मिल रहा है। STF संगम नोज पर एक्टिव 16 हजार से ज्यादा मोबाइल फोन की जांच कर रही है। इनमें 100 से ज्यादा नंबर 24 घंटे सर्विलांस पर हैं। —————————————– ये भी खबर पढ़ें… महाकुंभ भगदड़ में 35 से 40 मौतें:यूपी सरकार बोली- 30 लोग मारे गए, 25 की शिनाख्त; 60 घायल प्रयागराज महाकुंभ में संगम तट मंगलवार और बुधवार की आधी रात को हुई भगदड़ में 35 से 40 लोग मारे गए हैं। हादसे के 17 घंटे बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने 30 लोगों की मौत की पुष्टि की। शाम 6.30 बजे मेला अधिकारी विजय किरण आनंद और DIG वैभव कृष्णा ने 3 मिनट की प्रेस कॉन्फ्रेंस की। DIG वैभव कृष्ण ने कहा- भगदड़ में 30 श्रद्धालुओं की मौत हुई। 60 लोग घायल हैं। 25 शवों की पहचान कर ली गई है। पढ़ें पूरी खबर..

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