‘महाकुंभ भाजपा के कुप्रबंधन का मॉडल बना’:अखिलेश बोले-एसएसपी साहब खुद बांस-बल्ली के ऑफिस से काम कर रहे, महाकुंभ की सुरक्षा क्या देखेंगे

देश के सबसे बड़े धार्मिक मेले महाकुंभ जिसके इंतजाम में करोड़ों रुपए खर्च हो रहे हैं। केंद्र से लेकर यूपी सरकार अपनी पूरी ताकत झोंके हैं। 40 करोड़ श्रद्धालुओं के स्वागत को तैयार महाकुंभ के इंतजाम को लेकर राजनीति भी सरगर्म है। सबसे ज्यादा टिका टिप्पणी, तंज समाजवादी पार्टी की तरफ से होती रही है। अब एक बार फिर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने महाकुंभ को लेकर पहले एक्स, फिर समाजवादी के लेटर हेड पर ऐसा बयान जारी किया जो पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने कहा- एसएसपी साहब खुद बांस-बल्ली के ऑफिस से काम कर रहे, महाकुंभ की सुरक्षा क्या देखेंगे। अखिलेश यादव ने क्या लिखा… ‘प्रयागराज महाकुंभ 2025’ भाजपा सरकार के कुप्रबंधन का मॉडल बन गया है। पहले शासन यहां आकर नाराज़ होकर लखनऊ लौट गया, पीछे- पीछे प्रशासन दौड़ा-दौड़ा आया। हालात ये हैं कि सबसे जरूरी पुलिस व्यवस्था भी कुव्यवस्था की शिकार है। जिन एसएसपी साहब को कुंभ की सुरक्षा देखनी है उन्हीं का कार्यालय बांस-बल्ली से आगे नहीं बढ़ा है। जन सुरक्षा व भीड़ नियंत्रण पर नजर रखने वाले वॉच टॉवर तक नहीं बने हैं और न ही जल पुलिस थाने बने हैं न पूरी तरह से सीसीटीवी लगे हैं। अब जब हड़बड़ी में ये सब काम कागज पर पूरे दिखाए जाएंगे तो सुरक्षा के सवाल पर ही सवालिया निशान लग जाएगा। जनहित में हम शासन-प्रशासन से अपील करते हैं कि पूरी एहतियात बरतते हुए, सावधानी पूर्वक सारे लंबित काम पूरे किये जाएं, जिससे कि तीर्थ यात्रियों व अन्य पर्यटकों को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। भाजपा सरकार लापरवाही भरा रवैया छोड़कर गंभीरता से काम करे। ————————————— यह खबर भी पढ़िए… संभल में हरि मंदिर के चारों तरफ 68 तीर्थ-19 कुएं:350 साल पहले लिखी किताब में जिक्र, प्रशासन इन्हीं मंदिरों को खोज रहा संभल में विवाद सिर्फ जामा मस्जिद को लेकर था। अब प्राचीन कल्कि मंदिर से लेकर 68 तीर्थ और 19 कुओं (कूप) का सर्वे भी शुरू हो गया। इसे लेकर लोगों के मन में दो बड़े सवाल हैं। सर्वे क्यों हो रहा है? सर्वे के बाद क्या होगा? दरअसल, संभल का जिला प्रशासन चाहता है कि तीर्थ और कुएं फिर से अपने अस्तित्व में आएं। कुओं के जरिए वाटर हार्वेस्टिंग हो और भूजल रीचार्ज हो। उत्तर प्रदेश का राज्य पुरातत्व विभाग (State Archaeological Directorate) इन सभी जगहों की कार्बन डेटिंग भी कर रहा है, ताकि पता चल सके कि ये कुएं और मूर्तियां कितने पुराने हैं। पढ़ें पूरी खबर…

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