प्रयागराज महाकुंभ में करोड़ों लोगों को सुरक्षित और सुगम यात्रा कराने की जिम्मेदारी जिन रेलवे कर्मचारियों के कंधे पर है, वह सुविधाओं के अभाव में बीमार हो रहे हैं। कर्मचारियों की तरफ से इसकी शिकायत उत्तर रेलवे के डीआरएम एसएन शर्मा से भी की गई है। बावजूद अभी तक सुविधाएं नहीं बढ़ाई गई हैं। कर्मचारियों का दावा है कि साढ़े चार करोड़ रुपए का टेंडर होने के बावजूद सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। जोधपुर डिवीजन से आए दो स्टेशन मास्टर ठंड के चलते बीमार हो गए। कोटा से आए चीफ कंट्रोलर का कहना है कि रुकने की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। थकान के बाद भी उन्हें सोने को नहीं मिला। बुधवार को शिकायत के बाद डीआरम एसएन शर्मा ने फाफमऊ सहित अन्य जगहों का निरीक्षण किया। बावजूद इसके सुविधा में कोई सुधार नहीं हो सका है। पहले तस्वीरों में देखिए खस्ताहाल स्थिति खरीद कर पीना पड़ रहा पानी फाफामऊ में तैनात कर्मचारियों को खरीद कर पानी पीना पड़ रहा है। पीने के पानी की व्यवस्था नहीं होने से कर्मचारी परेशान हैं। इसके साथ ही बाथरूम के अंदर पानी की व्यवस्था नहीं है। कर्मचारियों का कहना है कि टेंट के अंदर कोई लाइट नहीं दी गई है। सिर्फ लेटने के लिए फोम के गद्दे दिए गए हैं। फोम के पतले गद्दे, काम चलाऊ पतली कंबल 1400 कर्मचारियों के रुकने की व्यवस्था के लिए रेलवे की तरफ से टेंडर जारी किया गया है। करीब साढ़े चार करोड़ रुपए का यह टेंडर जारी हुआ है। इसमें कर्मचारियों के रुकने की व्यवस्था करनी है। इसमें ऊनी गद्दे, अच्छी क्वालिटी की रजाई सहित स्टील आलमारी, गर्म पानी की व्यवस्था और हीटर का इंतजाम भी करना था। बावजूद कर्मचारियों को एक फोल्डिंग, फोम का पतला गद्दा और पतला कंबल देकर किनारा कर लिया गया है। इससे 5-6 डिग्री के न्यूनतम तापमान और सर्दी हवाओं के बीच कर्मचारी ठिठुर रहे हैं। इस दौरान चार्जिंग प्वाइंट भी टेंट से बाहर लगाने के निर्देश हैं। ताकि कोई आग की दुर्घटना न हो। वहीं, रजाई और गद्दे के लिए 12 लाख रुपए का टेंडर जारी किया गया है। इसमें भी लापरवाही बरती गई है। कर्मचारियों को कोई सामान नहीं लाने का निर्देश रेलवे कर्मचारियों को अपने साथ बिस्तर सहित अन्य जरूरी सामान नहीं लाने का निर्देश दिया गया था। इसमें कर्मचारियों को सिर्फ अपने जरूरत के सामान लाने को कहा गया था। ऐसे में खराब सुविधा के बाद अब कर्मचारियों के सामने संकट की स्थिति है। कर्मचारी खुले तौर पर सामने आकर भी शिकायत करने से बच रहे हैं। क्योंकि उन्हें कार्रवाई का डर सता रहा है। कर्मचारियों ने बताया कि इससे संबंधित शिकायत भी अधिकारियों को कर दी गई है। अहमदाबाद की कंपनी को टेंडर महाकुंभ के दौरान करीब 5 हजार कर्मचारियों की ड्यूटी लगी है। इसमें उत्तर रेलवे के साथ में देश के अन्य मंडलों से भी रेलवे कर्मचारी आए हुए हैं। ऐसे में खराब सुविधाओं के बाद कर्मचारियों को अपने स्वास्थ्य की चिंता सता रही है। वहीं, कर्मचारियों के लिए व्यवस्था सुनिश्चित करने का टेंडर गुजरात के अहमदाबाद स्थित कंपनी को दिया गया है। उत्तर रेलवे के सीनियर डीसीएम कुलदीप तिवारी ने बताया कि कर्मचारियों के लिए बेहतर व्यवस्था की गई है। अगर कहीं पर कोई समस्या है तो उसका समाधान कराया जाएगा।


