जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर और डासना मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद गिरी के महाकुंभ में कैंप के बाहर से पुलिस ने अयूब नाम के संदिग्ध युवक को पकड़ा है। दावा किया जा रहा है कि वह आयुष नाम बताकर अंदर पहुंचा था। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। मंगलवार तड़के यति नरसिंहानंद गिरी के कमरे के बाहर अखाड़े के संतों ने शक के आधार पर युवक को पकड़ा। पहले वह यति से मिलने के लिए आने की बात कही। अपना नाम आयुष बताया। शक होने पर पुलिस सूचना दी गई। पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो उसका असली नाम अयूब निकला। उधर, महाकुंभ से यति का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा- भारत में मुसलमानों की वजह से हिंदू आबादी को खतरा हो रहा है। एटा का अयूब बोला- यहां घूमने आया था, किसी ने भेजा नहीं
पुलिस पूछताछ में पकड़े गए युवक ने कबूला- मेरा नाम अयूब अली है। एटा के अलीगंज का रहने वाला हूं। यहां घूमने आया था। मुझे मालूम नहीं था कि यहां अलाऊ नहीं है। मुझे किसी ने भेजा नहीं है, अकेला आया हूं। दो भाई और तीन बहन हैं। पिता का नाम शाकिर अली है। सोमवार को कानपुर से ट्रेन पर बैठा। फिर गोरखपुर पहुंचा। गोरखपुर से ट्रेन से सोमवार सुबह प्रयागराज पहुंचा। यति नरसिंहानंद बोले- कुंभ में मेरी हत्या हो सकती है
यति नरसिंहानंद ने मीडिया से बातचीत में कहा- मेरी हत्या की साजिश रची जा रही है। गाजियाबाद स्थित डासना मंदिर के बाहर मुस्लिम समुदाय की 10 हजार की भीड़ ने कुछ महीने पहले मेरे मंदिर पर हमला किया। मेरी लगातार रेकी की जा रही है। बेंगलुरु में रहने वाला जुबेर पहले भी धमकी दे चुका है, जिसने मंदिर पर हमला कराया था। हमारी तरफ से इस पर मुकदमा चल रहा है। अब मैं महाकुंभ में हूं। सोमवार रात मैं दूधेश्वरनाथ मठ के शिविर में था। जहां एक युवक मेरी रेकी कर रहा था। मुझे पुलिस के 2 गनर मिले हैं। मेरे कमरे के बाहर एक युवक पर संतों और सुरक्षाकर्मियों को शक हुआ। उन्होंने इस युवक से पूछताछ की तो उसने पहले अपना नाम आयुष बताया। जांच-पड़ताल में पता चला कि वह मुस्लिम है। ऐसे ही लगातार मेरी हत्या के लिए रेकी की जा रही है। हमने रात में ही DIG महाकुंभ वैभव कृष्ण को पूरी बात बताई। इसके बाद पुलिस पकड़े गए युवक से पूछताछ कर रही है। महाकुंभ में मुझे सबसे ज्यादा खतरा है, मेरी कभी भी हत्या हो सकती है। हिंदुओं से 4-5 बच्चे पैदा करने की अपील
महाकुंभ में यति नरसिंहानंद का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने आबादी बढ़ाने के लिए हिंदुओं को ज्यादा बच्चे पैदा करने की नसीहत दी है। कम से कम 4 से 5 बच्चे पैदा करने की अपील की है। कहा कि मुसलमानों की आबादी तेजी से बढ़ रही है और हिंदुओं की आबादी घट रही है। ऐसे में हिंदुओं को भी परिवार नियोजन छोड़कर ज्यादा बच्चे पैदा करने चाहिए। यति ने कहा- भारत में मुसलमानों की वजह से हिंदू आबादी को खतरा हो रहा है। 25 जनवरी को संत संवाद कार्यक्रम का ऐलान
यति नरसिंहानंद ने महाकुंभ में संत संवाद कार्यक्रम आयोजित करने का ऐलान किया है। 25 जनवरी को कार्यक्रम की डेट तय की। इसमें तमाम अखाड़े के महामंडलेश्वर और दूसरे संत महात्माओं को बुलाया जाएगा। उन्होंने कहा- इस कार्यक्रम में सनातन वैदिक राष्ट्र बनाए जाने के मुद्दे पर चर्चा की जाएगी। इसी कार्यक्रम में जनसंख्या बढ़ाए जाने के मुद्दे पर भी चर्चा होगी। विश्व के गैर मुस्लिम धर्म गुरुओं को जोड़ेंगे
यति नरसिंहानंद ने कहा- संत संवाद कार्यक्रम जगदंबा महाकाली डासना वाली का परिवार और यति नरसिंहानंद सरस्वती फाउंडेशन संयुक्त रूप से करेगा। यह धर्म संवाद प्रयागराज महाकुंभ से शुरू होकर विश्व के हर देश तक पहुंचेगा और विश्व के सभी गैर मुस्लिमों को इस्लामिक जिहाद से वैचारिक रूप से जूझने के लिए तैयार करेगा। श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े का यह प्रयास अभी सनातन धर्म के धर्म गुरुओं के लिए है। जल्दी ही विश्व के सभी गैर मुस्लिम धर्मगुरुओं को इससे जोड़ा जाएगा। ‘मुलायम हिंदू… इसलिए मूर्ति लगाने का विरोध नहीं करता’
यति नरसिंहानंद ने महाकुंभ में सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव की मूर्ति लगाए जाने पर कहा- मुलायम सिंह यादव ने कार सेवकों पर गोली चलवाई थी, लेकिन इसके बावजूद वह हिंदू हैं। ऐसे में अगर उनकी मूर्ति लगाई जाती है तो कम से कम मैं उसका विरोध नहीं करूंगा। बता दें कि महाकुंभ के सेक्टर-16 स्थित एक कैंप में मुलायम सिंह की मूर्ति लगाई गई है। ———————- ये खबर भी पढ़िए- महाकुंभ में नागा साधुओं के स्नान की तस्वीरें: 5000 नागा साधु तलवार-त्रिशूल और डमरू लेकर निकले; संगम में दौड़ते हुए डुबकी लगाई महाकुंभ का पहला अमृत स्नान चल रहा है। एक-एक करके 13 अखाड़ों के नागा साधु- संत और महामंडलेश्वर संगम स्नान के लिए जा रहे हैं। सबसे पहले श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाण और श्री शंभू पंचायती अटल अखाड़ा के साधु-संतों ने स्नान किया। पांच हजार से ज्यादा नागा साधु हाथों में तलवार-त्रिशूल, डमरू और पूरे शरीर पर भस्म-भभूत लगाकर निकले। घोड़े-ऊंट और रथ पर सवार होकर हर-हर महादेव का उद्घोष करते हुए नागा साधु संगम पहुंचे। तलवारें और गदा लहराते हुए दौड़े और संगम में डुबकी लगाई। देश-विदेश से 30 लाख से ज्यादा श्रद्धालु अमृत स्नान देखने पहुंचे। क्लिक कर देखिए तस्वीरें…


