नरसिंहपुर जिले के बचई स्थित महाकौशल शुगर मिल विवाद में एक नया मोड़ आ गया है। मिल संचालक नवाब रज़ा द्वारा कैबिनेट मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल और पूर्व राज्यमंत्री जालम सिंह पटेल पर लगाए गए दबाव और तुलाई केंद्र बंद कराने के आरोपों को अब जमीन मालिक ने सिरे से खारिज कर दिया है। रविवार को एक प्रेसवार्ता में तुलाई केंद्र की जमीन के मालिक रविंद्र पटेल ने कहा कि नवाब रज़ा सच्चाई से दूर हैं और बिना जानकारी के मुद्दे को राजनीतिक रंग देकर भटका रहे हैं। प्रेसवार्ता में भूमि विक्रय का इकरारनामा प्रस्तुत करते हुए रविंद्र पटेल ने बताया कि उन्होंने संबंधित जमीन अक्टूबर माह में ही बेचने का समझौता किया था। यह भूमि उनकी पुत्री प्रज्ञा पटेल (34 वर्ष) के नाम दर्ज है और इसे करेली निवासी अजीत सिंह छावड़ा को बेचा जा चुका है। रजिस्ट्री की प्रक्रिया अभी शेष है। उन्होंने जानकारी दी कि यह भूमि मोजा उमरिया, तहसील करेली में खसरा नंबर 422/1(S), 422/2(S), 421/1(S) और 431/3 पर स्थित है, जिसका कुल रकबा 0.891 हेक्टेयर (2 एकड़ 20 डिसमिल) है। यह भूमि व्यावसायिक उपयोग के लिए डायवर्टेड है और इसका सौदा 52 लाख 50 हजार रुपए में तय हुआ है, जो दस्तावेजों में दर्ज है। रविंद्र पटेल ने इन आरोपों को राजनीतिक षड्यंत्र बताते हुए तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने नवाब रज़ा को सलाह दी कि वे षड्यंत्र का हिस्सा न बनें और अपने व्यापार पर ध्यान दें, बजाय इसके कि वे अनावश्यक राजनीति में पड़ें। पटेल ने कहा कि नवाब रज़ा या तो बड़ी छलांग लगाने की सोच रहे हैं या भयभीत और आशंकित हैं, और वे उतने भोले नहीं हैं जितना दिखाते हैं। उन्होंने आगे कहा कि नवाब रज़ा द्वारा लगाए गए आरोप न केवल तथ्यहीन हैं, बल्कि उनकी और कैबिनेट मंत्री प्रह्लाद पटेल तथा पूर्व मंत्री जालम सिंह पटेल की छवि को नुकसान पहुंचाने की सोची-समझी कोशिश है। रविंद्र पटेल ने घोषणा की कि वह इस मामले में मिल संचालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे। यह है मामला – 25 नबंबर को जयदीप दुबे नाम का युवक अपने साथियों के साथ महाकौशल शुगर मिल में घुसा और तौल कांटे बंद करा दिए घटना के दूसरे दिन मामले का वीडियो वायरल हो गया। इसके बाद शुगर मिल संचालक ने गुरुवार को प्रेसवार्ता आयोजित की और घटना कराने के पीछे केबिनेट मंत्री प्रहलाद पटेल सहित पूर्व राज्यमंत्री उनके भाई जालम सिंह पटेल का हाथ बताया। वहीं शुक्रवार की शाम जालम सिंह पटेल ने नवाब राजा के आरोपी को निराधार बताया और कानूनी कार्रवाई की बात कही थी। पूर्व मंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि किसी के पास कोई सबूत है तो वह सामने आए, अन्यथा झूठे आरोप लगाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने शासन और प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की, ताकि पूरा सच सामने आ सके।


