भास्कर न्यूज | जालंधर किसान मजदूर मोर्चा की तरफ से कुक्कड़ गांव में महापंचायत की गई, जिसमें मोर्चा के सदस्यों की तरफ से किसान जत्थेबंदियों ने ‘जमीन बचाओ, गांव बचाओ, पंजाब बचाओ का नारा’ दिया गया। बुधवार को महापंचायत में भारी बारिश के बीच हजारों की संख्या में किसान एकजुट हुए। नेताओं ने कहा कि सरकार लैंड पूलिंग नीति के जरिए किसानों की जमीन हड़पने की कोशिश कर रही है। प्रीपेड/स्मार्ट बिजली मीटर किसान-मजदूर विरोधी कदम हैं, जमीन हड़पने के लिए 2013 के भूमि अधिग्रहण अधिनियम को लागू न करके विकास के नाम पर किसानों को लूटा जा रहा है। पंजाब किसान मजदूर यूनियन से सुखजीत सिंह हरदोझंडे और किसान संघर्ष कमेटी से इंद्रजीत सिंह कोट बुढ़ा विशेष रूप से उपस्थित थे। इस अवसर पर किसान मजदूर मोर्चा का प्रतिनिधित्व भारतीय किसान यूनियन बहराम के प्रदेश अध्यक्ष बलवंत सिंह बहराम, प्रदेश उपाध्यक्ष चमकौर सिंह उस्मान वाला, किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के सरवन सिंह पंधेर, प्रदेश अध्यक्ष सुखविंदर सिंह साबरा, भारतीय किसान यूनियन द्वाबा के प्रदेश अध्यक्ष मनजीत राय मौजूद रहे। सतनाम सिंह साहनी, जसविंदर सिंह लोंगोवाल और भारतीय किसान यूनियन एकता आजाद से दिलबाग सिंह हरिगढ़, प्रदेश अध्यक्ष बलदेव सिंह जीरा मौजूद रहे। 1. कोई भी किसान अपनी कृषि भूमि किसी भी कीमत पर न बेचें। 2. पंजाब सरकार तुरंत दो लाख रुपए का उचित मुआवजा दे। पूरे राज्य में बाढ़ प्रभावित किसानों को 70,000 रुपए प्रति एकड़ और बाढ़ प्रभावित मजदूरों को भी 7,000 रुपए दिए जाएं, जो किसानों को दिए जाने वाले मुआवजे का 10 फीसदी है। बाढ़ के कारण घरों, पशुओं और संपत्ति को हुए नुकसान का भी उचित मुआवजा दें। 3. पंजाब में प्रीपेड/स्मार्ट मीटर लगाने की योजना का कड़ा विरोध किया जाएगा।


