खेजड़ी बचाओ आंदोलन के तहत दो फरवरी को प्रस्तावित महापड़ाव को देखते हुए जिला प्रशासन भी बचाव की कार्रवाई में जुट गया है। शपथ पत्र का उल्लंघन करने पर सोलर कंपनियों को अवमानना के नोटिस जारी करने की तैयारी की जा रही है। ये नोटिस तहसील स्तर पर जारी किए जाएंगे। जिले में सोलर प्लांट लगाने की आड़ में पिछले एक साल में खेजड़ी के सात हजार से अधिक पेड़ काटे जा चुके हैं। खेजड़ी बचाओ आंदोलन के तहत दो फरवरी को कलेक्ट्रेट पर प्रस्तावित महापड़ाव में बड़ी संख्या में पर्यावरण प्रेमी जुटेंगे। पर्यावरण संयुक्त संघर्ष समिति ने खेजड़ी के मुद्दे पर सरकार और प्रशासन को घेरने की रणनीति बनाई है। इसे देखते हुए प्रशासन के माथे पर भी चिंता की लकीरें खिंचने लगी हैं। खेजड़ी को लेकर सुलग रही चिंगारी पर पानी डालने की भरसक कोशिशें की जा रही हैं। इस बीच मंगलवार को पूगल तहसील में सभी हल्का पटवारियों की बैठक हुई। सोलर प्रोजेक्ट पर चर्चा करते हुए बड़ी पांच-छह कंपनियों को शपथ पत्र का उल्लंघन करने पर अवमानना के नोटिस जारी करने का फैसला किया गया है। इसके लिए तहसीलदार अशोक पारिक ने सभी पटवारियों से सोलर कंपनियों की सूची मांगी है। बता दें, पूगल तहसील में सरकार का सोलर पार्क बन रहा है। इसके अलावा बड़ी सोलर कंपनियां वहां प्लांट लगा रही हैं। भास्कर इनसाइटवन्य जीव शिकार का मुद्दा भी उठेगा, एसीएफ ने मांगी रिपोर्ट दो फरवरी को महापड़ाव में खेजड़ी के साथ वन्य जीवों के शिकार और उनकी हत्या का मुद्दा भी उठेगा। लूणकरणसर में सोलर प्लांट की चारदीवारी में 2021 में चिंकारा हिरणों के शिकार का मामला अभी ठंडा नहीं हुआ है। जीव रक्षा संस्था के अध्यक्ष मोखराम बिश्नोई की शिकायत पर एसीएफ ने रेंजर से फैक्चुअल रिपोर्ट मांगी है। इन गांवों में काटे सबसे ज्यादा खेजड़ी के पेड़ पिछले छह-सात महीने में पूगल तहसील के करणीसर भाटियान में 1212, भानीपुरा में 1116, कालासर में 759, लाखूसर में 831 पेड़ काटे जा चुके हैं। इसके अलावा नाथों की ढाणी, छत्तरगढ़ में 34, बीकानेर तहसील के रामसर में 166 तथा पांचू स्थित धरनोक की रोही में 20 पेड़ों को जड़ों में यूरिया और तेजाब डालकर जला डाला गया। धरनोक की रोही में अंजना सन पावर के निदेशक के खिलाफ भू-अभिलेख निरीक्षक ने 17 पेड़ नष्ट करने का परिवाद पिछले पांचू थाने में दिया था, जिस पर अब तक केस दर्ज नहीं हो पाया है। पुलिस ने इस मामले में कुछ लोगों को शांति भंग करने के आरोप में गिरफ्तार कर खानापूर्ति कर दी। इसी प्रकार भानीपुरा में भी खेजड़ी का कटान रोकने पर ग्रामीणों पर फायरिंग हो चुकी है। इस प्रकरण में भी सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। “महापड़ाव को लेकर पश्चिमी राजस्थान से बड़ी संख्या में 36 कौम के लोग जुटेंगे। खेजड़ी के साथ वन्य जीवों की हत्या का मामला भी उठेगा।” -मोखराम बिश्नोई, अध्यक्ष, जीव रक्षा संस्था “लूणकरणसर में हिरणों के शिकार का मामला पुराना है। इसकी फैक्चुअल रिपोर्ट मांगी गई है।” — पूजा पंचारिया, एसीएफ, वन विभाग


