उदयपुर में पिछले दिनों महाराणा प्रताप को लेकर दिए भाषण पर विवाद बढ़ने पर पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने माफी मांगी है। कटारिया ने कहा कि उनकी सबसे प्रार्थना है कि मेरा भाषण शुरू से आखिर तक सुन लें। उन्होंने कहा कि प्रताप को हमने जिंदा किया, इस शब्द पर बुरा लगता है तो क्षमा चाहता हूं। मेरा ऐसा कोई भाव नहीं था। कटारिया ने कहा कि उस बयान को उन्होंने कांग्रेस के रेफरेंस में कहा था कि कांग्रेस की सन् 1947 से 1977 तक सरकारें रही हैं लेकिन प्रताप के जीवन को ऊंचाई पर ले जाने के लिए किसी प्रकार काम नहीं हुआ। 22 दिसंबर को गुलाबचंद कटारिया गोगुंदा की धूली घाटी में एक शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल हुए थे, जहां उन्होंने महाराणा प्रताप पर भाषण दिया था। इस बयान के सामने आने के बाद कई सामाजिक संगठनों ने विरोध जताया था। क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राज शेखावत ने धमकी दी थी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा था कि सुन रे गुलाबचंद, तेरी औकात में रह, और हमारे महाराणा प्रताप का अपमान तू पहले भी कर चुका है। अब फिर क्या है? करणी सैनिकों, मारो रे इसे जब और जहां मिले। विवाद बढ़ने के बाद राज्यपाल कटारिया ने सोमवार को वीडियो जारी किया और अपनी सफाई दी। कटारिया ने कहा कि मेरे चंडीगढ़ निकलने के बाद मेरे बयानों को लेकर कई तरह के प्रश्न खड़े किए गए। सबसे प्रार्थना है मेरा भाषण शुरू से आखिर तक सुन लें। उसमें मेरे शब्दों और भाव सुन लें। प्रताप को लेकर मेरे मन में कितनी आस्था और श्रद्धा है, जब मैं पहली बार 33 वर्ष की उम्र में पहली बार विधायक बनकर गया था, तब आग्रहपूर्वक प्रताप के जीवन को घर-घर, गांव-गांव में लोग नजदीक से देख सकें, इसके लिए मुख्यमंत्री भेरूसिंह शेखावत जी से निवेदन करके पहली बार मेवाड़ कॉम्पलेक्स योजना स्वीकृत करवाया। उसके कारण आज कुंभलगढ़, गोगुंदा, चावंड और हल्दीघाटी का विकास उसके बाद शुरुआत हुई। कटारिया ने कहा कि मैंने उस रेफरेंस में कहा था कि कांग्रेस का 1947 से 77 तक सरकारें रहीं, लेकिन प्रताप के जीवन को ऊंचाई पर ले जाने के लिए किसी प्रकार काम नहीं हुआ। हमने पहली बार जाने का काम किया। इस बार भी सरकार ने उनसे संबंधित स्थानों के लिए और विकसित करने के लिए 175 करोड़ का बजट दिया है। कटारिया ने कहा कि मेरे कहने का भाव था कि हम लोगों ने प्रताप के उस शौर्य और गाथाओं को घर-घर तक पहुंचाने के लिए कांग्रेस भी काम कर सकती थी। यह मेरा भाव था। मैंने यह प्रताप को जिंदा किया, इस बात को आगे और पीछे सुन लीजिए। हमने जिंदा किया, इस पर बुरा लगता है तो क्षमा चाहता हूं। मेरा ऐसा कोई भाव नहीं था। उन्होंने कहा कि प्रताप के प्रति मेरा पूरा सम्मान है। सबसे आग्रह है कि मेरा पूरा भाषण सुनकर मुझे सुझाव जरूर दें। उदयपुर प्रवास के दौरान गोगुंदा के शिलान्यास कार्यक्रम में गुलाबचंद कटारिया ने कहा था- महाराणा प्रताप का नाम आप कांग्रेस के राज में सुनते थे। इस महाराणा प्रताप को पहली बार जिंदा करने का काम जनता पार्टी ने किया। पहली बार विधायक भूरा भाई MLA बनकर आए थे और पहली विधानसभा में सरकार बनाई थी। तब हमने विकास का पैसा गोगुंदा में भेजा था या नहीं? अब हल्दीघाटी भी जानी जाती है, पोखरगढ़ भी जाना जाता है, और चावंड भी जाना जाता है। मायरे की गुफा थी कि नहीं? तुम्हें इतने साल दिखती थी? हमने सड़क बनाई, रास्ते बनाए। उदय सिंह जी की छतरी यहां बनाई। इस बात को कौन याद रखता है? हम लोगों का काम करने का तरीका जनता के लिए है, हमारे लिए नहीं है। आपका पैसा आप तक पहुंचाते हैं। हम टांका नहीं मारते हैं, सही पहुंचाते हैं। फूट डालकर राज करोगे तो तुम भी बर्बाद हो जाओगे गुलाबचंद कटारिया ने आगे कहा था- बाप पार्टी पर निशाना साधते हुए कटारिया ने कहा था कि वो कहते हैं कि हिंदू नहीं हैं। तो तू कहां से आया रे, महाराणा प्रताप की सेना में? अगर तू यहां का आदिवासी नहीं होता, भीलू राणा नहीं होता तो क्या राणा युद्ध लड़ सकता था? तुम क्यों बरगला रहे हो, अपने स्वार्थ के कारण? देश को कमजोर करना चाहते हो। अगर ऐसे फूट डालकर राज करोगे तो तुम भी बर्बाद हो जाओगे, याद रखना। ये कुछ दिन अच्छा लगेगा, लेकिन बाद में रोओगे माथा पकड़कर के कि हमने बर्बाद कर दिया। अच्छे काम करो न। बराबरी की दौड़ लगाओ न, ऐसे खोटे कर्म करके क्यों मरना चाहते हो? आजकल के नौजवानों को क्या हो गया है? शिक्षा हम पहुंचा रहे हैं, नौकरी हम दे रहे हैं, विकास हम कर रहे हैं, योजना हम ला रहे हैं। वो कह रहे हैं हम अलग हैं, वो क्या अलग हैं? मुझे बहुत दुख होता है, कैसे समझाएं आपको। जिसको मानते हो, उसकी सौगंध है। राम धर्म से ताकड़ी (तराजू) में तोल से देना सिख जाओ। ईमानदारी से करना सीखो। 1 दिन के चमाचम और दारू पीने से देश का भला नहीं होगा। देश का भला अपनी अक्ल से होगा।” ………………………………………………… ये खबर भी पढ़े पंजाब के राज्यपाल कटारिया को धमकी, लिखा-जहां भी मिले मारो:क्षत्रिय करणी सेना के अध्यक्ष ने कहा-महाराणा प्रताप का अपमान पहले भी कर चुका


