भास्कर न्यूज | नारायणपुर शासकीय स्वामी आत्मानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय के ग्रंथालय विभाग द्वारा द्वितीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के अवसर पर अंतरिक्ष मिशन विषय पर क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें सुनीता विलियम्स, मिशन ऑक्सीओम, शुभांशु शुक्ला, इसरो की स्थापना एवं इसके वर्तमान अध्यक्ष जैसे 15 प्रश्न पूछे गए। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ.एसआर कुंजाम ने बताया कि भारत अपने विभिन्न अंतरिक्ष मिशनों को सफलता पूर्वक पूरा कर रहा है और अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में पूरी दुनिया मंे परचम लहरा रहा है। भारत के इस सफ़लता के पीछे इसरो और इसके वैज्ञानिकों की लगन, कठिन परिश्रम, दृढ़ संकल्प और मजबूत इच्छाशक्ति का महत्वपूर्ण योगदान है इसके बल पर ही हमारा देश इस क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहा है और साथ ही नित नए ऊचाइयों को छू रहा है। इस अवसर पर महाविद्यालय के लाइब्रेरियन संजय कुमार ने बताया कि 23 अगस्त 2023 को भारत अपने चंद्रयान-3 मिशन के माध्यम से चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग करके पूरे विश्व में ऐसा करने वाला प्रथम देश तथा चंद्रमा पर अपना अंतरिक्ष यान उतारने वाला विश्व का चौथा देश बना था। इसी अवसर पर हमारे देश के प्रधानमंत्री ने इसरो के वैज्ञानिकों को इस सफलता का श्रेय देते हुए पूरे भारत में इस दिन को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की। इस अवसर पर महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक बीडीचांडक ने कहा कि यह दिन अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत की ऐतिहासिक सफलता को दर्शाता है। प्रतियोगिता का मूल्यांकन अतिथि व्याख्याता डॉ. मीनाक्षी ठाकुर, डॉ. वंदना, डॉ. विजय लाल तिवारी, डॉ. हरिशंकर जसमान, ब्रजेश नेताम, प्रीति पटेल, गिरधर, महेश कुमार लादेकर ने किया तथा इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के अन्य समस्त सहायक प्राध्यापक मौजूद रहे। महाविद्यालय के लाइब्रेरियन ने यह भी बताया कि इस वर्ष राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस की थीम आर्यभट्ट से गगनयान-प्राचीन ज्ञान से अनंत संभावनाओं तक है। इस क्विज प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं को हमारे देश भारत द्वारा अंतरिक्ष मिशनों में प्राप्त किये गए उपलब्धियों के बारे में अवगत कराना तथा उन महान वैज्ञानिकों को सम्मान प्रदान करना है जो इन मिशनों में शामिल रहे साथ ही उनको अंतरिक्ष मिशन से संबंधित प्रश्नों के बारे में जानकारी प्रदान करना और ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के मिशन ऑक्सीओम एवं उनकी सफलता से अवगत कराना है। इसके साथ ही उन्हें भारत के अंतरिक्ष मिशनों के बारे में जानकारी प्रदान करना और उन महान अंतरिक्ष वैज्ञानिकों के योगदानों के संबंध में अवगत कराना है जिनके अथक परिश्रम से भारत में नए नए अन्वेषण हो रहे।


