महाशिवरात्रि पर जागेश्वरधाम गर्भगृह में इंट्री नहीं:श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 500 अतिरिक्त पुलिस बल तैनात; नियम 15 फरवरी तक लागू

दमोह जिले के प्रसिद्ध तीर्थ क्षेत्र जागेश्वर धाम बांदकपुर में महाशिवरात्रि पर्व की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस साल श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़ प्रबंधन को देखते हुए गर्भगृह में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। भक्त भगवान जागेश्वरनाथ के दर्शन बाहर से ही कर सकेंगे। व्यवस्थाओं को लेकर कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर और पुलिस अधीक्षक श्रुतकीर्ति सोमवंशी ने मंदिर ट्रस्ट के साथ बांदकपुर में एक बैठक की। इस दौरान पर्व से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। तेरहवें ज्योतिर्लिंग के रूप में जागेश्वरनाथ को पूजा जाता भगवान जागेश्वरनाथ को तेरहवें ज्योतिर्लिंग के रूप में पूजा जाता है। महाशिवरात्रि पर्व पर यहां एक लाख से अधिक कांवरिये और प्रदेश भर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। कलेक्टर ने बताया कि मेला के दौरान पार्किंग, साफ-सफाई, श्रद्धालुओं और कांवरियों के ठहरने की व्यवस्था सहित सभी आवश्यक प्रबंधन किए जाएंगे। उन्होंने बेहतर से बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया, क्योंकि दर्शनार्थियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। 15 फरवरी तक गर्भगृह में प्रवेश नहीं दिया जाएगा अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि गर्भगृह में प्रवेश नहीं दिया जाएगा और दर्शन की व्यवस्था बाहर से ही रहेगी। उन्होंने पिछली बार की सफल व्यवस्था का हवाला दिया, जिसमें किसी प्रकार की भगदड़ या अव्यवस्था नहीं हुई थी। यह व्यवस्था 15 फरवरी को भी लागू रहेगी और परिस्थितियों के अनुसार आगे निर्णय लिया जाएगा। इस बार 500 से अधिक पुलिस बल तैनात रहेगा एसपी श्रुतकीर्ति सोमवंशी ने बताया जागेश्वरधाम को तेरहवें ज्योतिर्लिंग के रूप में पूजा जाता है। बुंदेलखण्ड के सभी अंचलो से लोग बांदकपुर आते है। जिसमें कांवडिया और दमोह के लोकल लोग भी बडी संख्या में शामिल होते है। पुलिस प्रशासन का प्रयास रहता है कि दर्शनार्थियों को अच्छे से दर्शन करा सके। किसी भी प्रकार से अव्यवस्था न हो इस बार सुरक्षा व्यवस्था के लिए कैमरे लगाने के सुझाव मंदिर प्रबंधन को दिए गए है। इस बार 500 से अधिक पुलिस बल तैनात रहेगा।

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